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भारत की संचार प्रणालियों को फलस्तीन जाने से रोका

Tue, 13 Oct 2015 05:23 AM IST
विशेष प्रतिनिधि/ यरूशलम
विशेष प्रतिनिधि/ यरूशलम Updated Tue, 13 Oct 2015 05:23 AM IST
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Palestine prevented  India communications systems

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की फलस्तीन यात्रा से जुड़ा एक विवाद पैदा हो गया है। मुखर्जी फलस्तीन की अल-कुदस यूनिवर्सिटी में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन करने वाले हैं। वह संस्थान को अपनी तरफ से चार संचार प्रणाली भेंट करेंगे लेकिन अब इस बात की उम्मीद कम ही है कि इस्राइल इन उपकरणों को विश्वविद्यालय ले जाने की इजाजत दे।

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इस्राइल के कस्टम विभाग ने अश्दोद बंदरगाह पर फंसे 30 कंप्यूटरों को सोमवार को विश्वविद्यालय ले जाने की अनुमति दे दी। अधिकारियों के अनुसार कंप्यूटरों को भेज दिया गया है और राष्ट्रपति के कार्यक्रम से पहले विश्वविद्यालय पहुंच जाएंगे। जबकि, संचार उपकरण अब भी बेन गुरियान एयरपोर्ट पर पड़े हैं।
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हालांकि इस्राइल के अधिकारियों ने इसे अधिक तूल नहीं देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि कानून संचार प्रणालियों को ले जाने की इजाजत नहीं देता है। अधिकारियों ने भारतीय कानून का उदाहरण दिया, जिसके मुताबिक भारत में सैटेलाइट फोन नहीं ले जाया जा सकता।
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उन्होंने कहा कि संचार प्रणालियों के साथ फ्रीक्वेंसी से जुड़े तकनीकी मुद्दे होते हैं और वह हमारी कानूनी जरूरतों को पूरा नहीं करतीं। राष्ट्रपति को यूनिवर्सिटी में मानद उपाधि से भी सम्मानित किया जाएगा।

इस बीच भारत में इस्राइली दूतावास के प्रवक्ता ओहाद होरसांदी ने कहा है कि उनके देश के कानून पर खरी नहीं उतरने वाली चीजों को कस्टम से अनुमति नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालय इस मामले से अवगत हैं।


फलस्तीनियों के शैक्षिक प्रोत्साहन में भारत हमेशा अग्रणी साझेदार रहा है और उसने आईटीईसी कार्यक्रम के तहत फलस्तीनी छात्रों को सैकड़ों वजीफे दिए हैं ताकि वे भारतीय विश्वविद्यालयों में कोई पेशेवर कार्यक्रम की शिक्षा ले सके।

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