फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Pakistanis favours good relations with India: Basit

भारत के साथ अच्छे रिश्ते पर पाकिस्तान में राष्ट्रीय सहमतिः अब्दुल बासित

Fri, 04 Mar 2016 12:52 AM IST
Updated Fri, 04 Mar 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
Pakistanis  favours good relations with India: Basit

भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित पाकिस्तान की बदलती तस्वीर पेश करते हैं। बासित के मुताबिक पाकिस्तान में लोकतंत्र मजबूत हुआ है। उनका कहना है कि भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्ते पाकिस्तान के हक में नहीं हैं। इस पर पाक सेना की भी सहमति है। विशेष संवाददाता गुंजन कुमार के साथ बातचीत में बासित ने एनएसए स्तर की कोशिशों को लिटमस टेस्ट माना है। पेश है प्रमुख अंश

विज्ञापन


प्रश्नःपठानकोट हमले के बाद दोनों देश आतंकवाद से साझा मोर्चे का संकेत दे रहे हैं। फिर भी एक अविश्वास का माहौल है कि अगर एक भी आतंकी हमला हो गया तो सारी कोशिशें धरी रह जाएंगी। क्या नवाज शरीफ सरकार यह गारंटी दे सकती है कि अब भारत की जमीन पर आतंकी हमला नहीं होगा?
विज्ञापन


उत्तरःपाकिस्तान खुद दहशतगर्दी का शिकार है। हमने आतंकवाद के खिलाफ जर्ब-ए-अब्ज प्रोग्राम शुरू किया है। यह सफल भी है। लेकिन खुद यह गारंटी नहीं दे सकते कि पाकिस्तान में भी टेरर अटैक नहीं होंगे। आतंकवाद के खिलाफ हम दोनों मुल्कों ने मिलकर काम करना है। हमें इत्मीनान है कि पठानकोट के बाद दोनों मुल्कों ने फैसला किया कि यह मसला मिल कर हल करेंगे। दोनों मुल्कों को राष्ट्रीय  सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) इसपर काम कर रहे हैं। दोनों तरफ एक पॉजीटिव माहौल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रश्नःक्या पाकिस्तान की सेना नवाज शरीफ सरकार के साथ है? क्या पाकिस्तान लोकतंत्र की मजबूती इस मुकाम पर पहुंच गई है कि वहां की आवाम भी सेना पर सवाल खड़े करे? नवाज शरीफ  कारगिल को अटल बिहारी वाजपेयी की पीठ में छुरा घोंपने संबंधी बयान देकर क्या संकेत देने की कोशिश कर रहे हैं?   

उत्तरः पाकिस्तान अब 1990 वाला पाकिस्तान नहीं। अब हमारे यहां एक राष्ट्रीय सहमति (नेशनल कन्सेंसस) है कि भारत के साथ अच्छे रिश्ते कायम हों। हमारे 2013 के चुनावी एजेंडे को देंखें तो पाएंगे कि तमाम जमात भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने की बात करते हैं। इस नेशनल कन्सेंसस में आर्मी भी शामिल है। जनता के साथ आर्मी भी चाहती है कि भारत के साथ रिश्ते ठीक हों। हमारी आर्मी तो पहले से मशरुफ है। अफगानिस्तान बार्डर पर हमने डेढ लाख की फौज तैनात कर रखी हैं। हमारा कोई फायदा नहीं है भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ कर रखने में।

26/11 की पाक सरकार भर्त्सना करती है

Pakistanis  favours good relations with India: Basit

प्रश्नः भारत में जब भी आतंकी हमला होता है कि यही बात आती है कि इसका ओर- छोर पाकिस्तान में है। लश्कर-ए -ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद का रोल सामने आता है। 26/11 का उदाहरण सामने है।

उत्तरः दहशतगर्दी सिर्फ आपका नहीं हमारा भी मसला है। यह बात भारत को समझना होगा। आपने जो नाम लिए हैं वह पाकिस्तान में प्रतिबंधित है। यह मुमकिन है कि ये संगठन अंडरग्रांउंड हो कर काम कर रहे हों। हम इसके खिलाफ काम कर रहे हैं। हमारे पीएम की क्लीयर पॉलिसी है। लेकिन यह बात समझना होगा कि पाकिस्तान के लिए कश्मीर असल मसला है। मैं यह नहीं कहता कि सब एक दिन में ठीक हो जाएगा। शर्त है बातचीत जारी रहे। आपसी फायदा और संप्रभुता की बराबरी की बुनियाद पर।

प्रश्नःसंप्रभुता की बराबरी के क्या तात्पर्य है?

उत्तरः जब दो देश बातचीत कर रहे हैं तो कोई छोटा बड़ा नहीं होता। आप 26/11 की बात करते हैं। मसला गंभीर है मैं मानता हूं। पाक सरकार इसकी भर्त्सना करती है। लेकिन पाकिस्तान में यह सवाल पूछे जाते हैं कि समझौता एक्सप्रेस की ट्रायल का क्या हुआ जिसमें 42 पाकिस्तानी मारे गए थे। वह तो मुंबई हमले से भी पहले हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed