'बहुत पहले हो सकती थी इजाज की गिरफ्तारी'
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मेरठ में पकड़े गए आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज की गिरफ्तारी बहुत पहले आगरा में हो सकती थी। पुलिस को उस पर दो बार शक हुआ। लेकिन दोनों बार वह खुद कोरिपोर्टर बताकर बच गया।
एक बार तो उसे सिपाही ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर फाइटर प्लेन मेराज 2000 की वीडियो शूट करते हुए रोका था। दूसरी बार उसे कैंट में चेकिंग के दौरान रोका गया था।
दोनों बार उसने खुद को उर्दू अखबार का रिपोर्टर बताया। उसने कहा कि वह कवरेज के लिए दिल्ली से आया है।
खुद को बिहार का बताता था
खुफिया पुलिस के सूत्रों ने बताया कि उसे आईएसआई ने नौ महीने की ट्रेनिंग
में यह भी सिखाया था कि किसी को शक हो जाने पर कैसे बचना है। वह लोगों से
मिलते वक्त खुदको बिहार के आरा जिले का निवासी बताता था।
अगर कहीं चेकिंग
में पकड़ा जाता तो अपनी पहचान उर्दू अखबार के रिपोर्टर के रूप में देता। वह
आगरा में पहली बार रिपोर्टर बनकर ही आया था और जनसमस्याओं की जानकारी लेने
के बहाने लोगों से मिला था।
उसने अभी तक की पूछताछ में बताया है कि मेराज
की लैंडिंग की वीडियो शूट करने के दौरान एक सिपाही उस पर भड़क गया था। उसने
कहा था कि इस तरह मोबाइल से वीडियो क्यों बना रहे हो? तुम कौन हो और
तुम्हारा मकसद क्या है? उसने जवाब दिया कि वह रिपोर्टर है और कैमरा खराब हो
जाने के चलते मोबाइल से रिकार्डिंग कर रहा है।
इसी तरह एक बार कैंट एरिया
में घूमते हुए उस पर आर्मी के कांस्टेबल को शक हुआ था। तब भी वह खुद को
रिपोर्टर बताकर बच निकला था। अगर एक बार भी उससे ठीक सेपूछताछ हो जाती तो
वह तभी पकड़ा जा सकता था।
इजाज से आगरा के बारे में मिले इंपुट पर अभी
तक विस्तार से बात नहीं हो पाई है। खुफिया पुलिस के सूत्रों ने बताया कि
जल्द ही आगरा एटीएस, एलआईयू को उससे पूछताछ का मौका मिल सकता है।