ससुराल में छुपा पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में अंबाला जीआरपी ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गांव बेगराजपुर में छापा मारकर पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2001 से फरार था और बेगराजपुर स्थित ससुराल में नाम बदलकर रह रहा था। अंबाला जीआरपी उसे गिरफ्तार कर साथ ले गई है।
अंबाला कैंट जीआरपी की टीम गुरुवार शाम दरोगा ओमबीर सिंह के नेतृत्व में मंसूरपुर थाने पहुंची। इसके बाद अंबाला पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ गांव बेगराजपुर निवासी इजरायल के घर छापा मारा। पुलिस ने इजरायल के घर से उसके दामाद गुल्लू को गिरफ्तार किया।
मंसूरपुर थाने में गुल्लू से पूछताछ के बाद अंबाला जीआरपी के दरोगा ओमबीर सिंह ने उसके पाक जासूस होने की बात कही।
जमानत मिलने के बाद हुआ था फरार
पाक जासूस मोहम्मद उमर 13 साल से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। अंबाला से वर्ष 2001 से फरार पाकिस्तानी जासूस मोहम्मद उमर पिछले पांच साल से गुल्लू नाम से बेगराजपुर गांव में छिपा हुआ था। यहां वह पेड़ कटाई का काम करता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। उमर का इस दौरान किस-किससे संपर्क हुआ, यह भी जांच का विषय है।
मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव खेड़ी सराय निवासी किसान जिलेदार के बेटे मोहम्मद उमर को वर्ष 1997 में अंबाला कैंट स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से देश के महत्वपूर्ण स्थानों के नक्शे और गोपनीय कागजात बरामद किए गए थे। अंबाला जीआरपी ने उसे जेल भेजकर चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी।
कोर्ट में ट्रायल के दौरान वर्ष 2001 में वह जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद फरार हो गया था। सुनवाई के दौरान उसके कोर्ट में पेश नहीं होने पर एनबीडब्लू जारी कर दिए गए और बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया। इसी दौरान उसकी शादी बेगराजपुर निवासी इजरायल की बेटी से हुई, जिससे उसे चार बच्चे भी हैं।
13 साल बाद मिली पुलिस को कामयाबी
करीब पांच साल पूर्व वह बीवी-बच्चों के साथ बेगराजपुर पहुंच गया। पुलिस की
नजरों से बचने के लिए वह गुल्लू के छद्म नाम से ससुराल में घर जमाई बनकर
रहने लगा। यहां उसने पेड़ कटाई का काम शुरू कर दिया। पांच साल तक वह गुल्लू
के नाम से ही बेगराजपुर में रहता रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस और खुफिया
इकाइयों को उसकी भनक तक नहीं लग सकी।
हालांकि फरारी के दौरान अंबाला जीआरपी
लगातार उसकी ताक में लगी रही। आखिरकार अंबाला पुलिस ने ही भगोड़े जासूस को
13 साल के लंबे अंतराल के बाद गिरफ्तार करने मे कामयाबी हासिल की।
अहम
सवाल ये है कि फरार होने के बाद उमर का पाकिस्तान में किसी से संपर्क हुआ
या नहीं, इस दौरान उसने क्या-क्या किया। इन सभी सवालों के जवाब उमर से
पूछताछ के बाद ही सामने आएंगे।