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जानिए, कौन है पाकिस्तानी कैदी राणा सनाउल्लाह हक

Fri, 03 May 2013 11:51 PM IST
जम्मू/ब्यूरो
जम्मू/ब्यूरो Updated Fri, 03 May 2013 11:51 PM IST
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Pakistani Prisoner Sanaullah Attacked in Jammu Jail

चंडीगढ़ पीजीआई में जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे पाकिस्तानी कैदी सनाउल्लाह पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं में लिप्त होने का आरोप है।

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सूत्र बताते हैं कि सरबजीत की मौत पर टिप्पणी करने की वजह से उस पर हमला हुआ।

पाकिस्तान के दलुवाली का रहने वाला सनाउल्लाह एक अन्य कैदी केहर के साथ सीमा पार कर भारत में घुसा था।
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1999 में उसे कोट भलवाल जेल लाया गया था। उस पर हत्या के अलावा अन्य धाराओं के तहत आठ केस दर्ज हैं। वर्ष 2009 में टाडा के तहत केस में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
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सनाउल्लाह के खिलाफ दर्ज मामले
मांडा में 28 नवंबर 1994 को कटड़ा जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस में विस्फोट करने का आरोप सनाउल्लाह पर है। इस विस्फोट में दस लोगों की मौत हो गई थी और 43 घायल हुए थे। नगरोटा पुलिस थाने में इसका मामला दर्ज है।


इससे पहले 16 जुलाई 1994 को भी मीरां साहिब से आ रही मिनी बस में सतवारी के पास बम ब्लास्ट करने का भी आरोप। इस विस्फोट में चार यात्रियों की मौत हुई थी और 16 घायल हुए थे।

इन दोनों केसों में सनाउल्लाह उम्रकैद की सजा भुगत रहा है। इसके अलावा दो केसों में वह बरी हो चुका है और चार अन्य केसों में अपनी सजा भुगत चुका है। जिसमें 24 जून 1999 को कोट भलवाल जेल ब्रेक केस भी शामिल है।

इसमें हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर मेजर इरफान और दो अन्य आतंकी फरार होने में कामयाब हुए थे। सन्नाउल्लाह ने भी भागने कोशिश की थी, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। इसके बाद सनाउल्लाह को अंबफला जेल भेज दिया गया।

उम्रकैद की सजा पाने के बाद उसे 2009 को दोबारा कोट भलवाल जेल भेजा गया। जेल ब्रेक केस से सनाउल्लाह बरी हो चुका है।

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