पठानकोट मामला: कार्रवाई नहीं की तो खतरे में पाक
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पठानकोट मामले में मुंबई जैसा रवैया अपनाने पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच अपमान का सामना करना पड़ेगा। यदि इस्लामाबाद एयरबेस हमले के दोषियों को पकड़ने में भारत का सहयोग करते नहीं दिखता है तो उसे जबरदस्त अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है। यहां तक कि प्रतिबंध का खतरा भी है।
यह आकलन पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ का है। अखबार के संपादकीय के अनुसार भारत ने पाकिस्तान को कार्रवाई करने योग्य जानकारी उपलब्ध कराई है और संतोषजनक एक्शन के बाद ही विदेश सचिव स्तर की वार्ता होगी।
नाटो के कई देशों का मानना है कि भारत ने जो सबूत मुहैया कराए हैं, वे भले ही अंतिम न हों लेकिन प्रामाणिक हैं। अमेरिका भी भारत की इस बात से सहमत है कि पाकिस्तान को इन सबूतों को गंभीरता से लेना चाहिए, भले ही जांच में समय लगे।
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने जताई संभावना
भारत के साथ अमेरिका और नाटो देशों का भी विचार है कि पठानकोट हमले की योजना संभवत: पाकिस्तान में बनाई गई और यहीं से उस पर निगरानी रखी गई। इसमें संभवत: ऐसे लोगों का हाथ है, जो खुफिया संस्थान से जुड़े रहे हैं और उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर मदद मिली है।
अखबार के मुताबिक पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अपने भारतीय समकक्ष को जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिया है। संपादकीय में लिखा है कि जुल्फिकार अली भुट्टो की मौत के बाद सरकार का सेना समर्थित हिंसक संगठनों को लेकर विदेश नीति के अहम पहलू से नियंत्रण हट गया। मोदी की लाहौर यात्रा पर सेना का रवैया अब भी साफ नहीं हो सका है।