पाक नौका: कोस्टगार्ड और नेवी में मतभेद से उठे कई सवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय कोस्टगार्ड के एक डीआईजी के कथित बयान के बाद अरब सागर में भारतीय तट के पास 31 दिसंबर की रात पाकिस्तानी नाव में धमाके का मामला पेचीदा और विवादास्पद हो गया है।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, भारतीय कोस्टगार्ड के एक डीआईजी ने एक बैठक में नाव को नष्ट करने का दावा किया था।
इस मामले में शुरू से विवाद है कि कोस्टगार्ड अपने इलाके से इतनी दूर क्या कर रहा था और नेवी को खबर क्यों नहीं हुई। कई और सवाल हैं- नाव में धमाका किसने किया, यह साफ नहीं था। मंत्रालय से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
इससे कई शक पैदा हुए। ये शक दूर करना सरकार का काम है और सरकार को सामने आकर बताना चाहिए कि क्या असलियत उन्हें पता है। डीआईजी ने ऐसा क्यों कहा और इतने दिन बाद क्यों कहा, यह भी साफ नहीं है।
संशय के हालात
पाकिस्तानी नौका के पीछा करने की न कोई तस्वीर है और न कोई वीडियो फुटेज है जिससे यह पता चले कि उसका पीछा किया जा रहा है। इसलिए इसके बारे में जांच के बाद ही सही-सही पता चल पाएगा।
इससे एक उलझन की स्थिति जरूर पैदा हुई है। लगता है कि कमांड के स्तर पर कोस्टगार्ड में कुछ संशय जरूर है। डीआईजी स्तर का कोई व्यक्ति इतनी बड़ी बात यूं ही तो नहीं कह सकता और अब जब उनको खतरा महसूस हुआ होगा तो वे मुकर गए।
यह पूरा घटनाक्रम भारतीय नौसेना के लिए शर्मनाक कहा जा सकता है क्योंकि कोस्टगार्ड और नेवी के मतभेद सामने आ रहे हैं। डीआईजी स्तर का अधिकारी इतनी बड़ी बात महज कल्पना के आधार पर नहीं कह सकते।
जहां तक दोनों देशों के रिश्तों का सवाल है तो भारत और पाकिस्तान में मीडिया एक दूसरे के खिलाफ काफी कुछ कहता रहता है। उसका असर सरकार पर इतना नहीं होता जितना लोगों पर होता है।
इस मामले में उपजे ताजा विवाद से मुझे नहीं लगता कि भारत सरकार पर कुछ बहुत अधिक असर पड़ेगा।