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पाकिस्तानी परिवार को मुंबई में नहीं मिली पनाह

Sat, 17 Oct 2015 07:40 AM IST
Updated Sat, 17 Oct 2015 07:40 AM IST
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Pakistani family spend night on road

पाकिस्तान का एक परिवार अपने मानसिक रूप से कमजोर बेटे के लिए प्रार्थना करने को बहुत उम्मीदों के साथ मुंबई में हाजी अली की दरगाह पर आया था।

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उनकी प्रार्थना कबूल हुई या नहीं, पता नहीं लेकिन माया नगरी ने उनके साथ ऐसा सलूक किया, जिसने इस परिवार के दिलों में कड़वाहट भर दी होगी। इस परिवार को सिर छिपाने के लिए एक अदद छत नहीं मिली।
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सारे होटल वालों ने उन्हें कमरा देने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से पूरे परिवार को सड़क किनारे पटरी पर रात बितानी पड़ी।

पांच लोगों का यह परिवार चार अक्तूबर को 40 दिन के वीजा पर भारत आया था। बुधवार दोपहर को ये लोग जोधपुर से सूर्यनगरी एक्सप्रेस द्वारा मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनकी यहां तक की यात्रा तो ठीक रही लेकिन इसके बाद मुसीबतों का दौर शुरू हो गया।
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सब इंस्पेक्टर बना मददगार

Pakistani family spend night on road

पूरी दक्षिण मुंबई में उन्हें किसी भी लॉज या होटल वाले ने कमरा नहीं दिया। ऐसे में आरपीएफ के एक सब इंस्पेक्टर महेश चौहान मदद के लिए आगे आए।

परिवार के कागजात जांचने के बाद उन्होंने उन्हें रेलवे स्टेशन के पास स्थित मुंबई सेंट्रल पुलिस स्टेशन के एक कमरे में आराम करने के लिए जगह दे दी। चौहान ने परिवार को खाने-पीने का भी सामान दिया। यह परिवार बुधवार रात एक से डेढ़ बजे तक इस छोटे से कमरे में ही रहा और बाकी समय पटरियों पर गुजारा।

सीनियर इंस्पेक्टर आरके आर्या के अनुसार विदेशी नागरिकों को ठहराने के लिए लॉज और होटल वालों को फॉर्म-सी भरकर सरकार के पास जमा करना पड़ता है। होटल वाले यह फॉर्म नहीं भरना चाहते। उनका कहना है कि उनके पास फॉर्म भरने और जमा करने के लिए अतिरिक्त लोग नहीं हैं।

इस परिवार को हाजी अली की दरगाह में प्रार्थना करने के बाद 18 अक्तूबर को जोधपुर लौटना था लेकिन मुंबई में हुए सलूक ने उन्हें जल्द जाने पर मजबूर कर दिया। यह परिवार बृहस्पतिवार को ही लोकसती एक्सप्रेस से लौट गया।

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