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कश्मीरी छात्रों पर नहीं चलेगा देशद्रोह का मुकदमा

Fri, 07 Mar 2014 06:29 PM IST
Updated Fri, 07 Mar 2014 06:29 PM IST
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pakistan zindabad those speaking on trial for treason back

पाकिस्तानी टीम की जीत पर नारेबाजी करने वाले कश्मीरी छात्रों पर दर्ज केस से बृहस्पतिवार शाम देशद्रोह की धारा हटा ली गई। एसएसपी का कहना है कि देशद्रोह के आरोप संबंधी पुख्ता साक्ष्य नहीं है।

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वैसे अन्य आरोपों की विवेचना जारी रहेगी। इससे पहले जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विट कर कहा था कि देशद्रोह की धारा से छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। यूपी पुलिस की यह कार्रवाई अनुचित है।
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उन्होंने कहा कि इस मामले में यूपी के मुख्यमंत्री से बात हुई है। वहीं केंद्र सरकार ने भी मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

अखिलेश यादव से बातचीत के बाद हटी धारा

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यह केस बुधवार को सुभारती यूनिवर्सिटी के कुलसचिव बीके गर्ग की तहरीर पर दर्ज हुई थी, मगर छात्रों की संख्या नहीं दी गई थी। केस में राष्ट्रद्रोह की धारा 124 ए, 153 (ए) और 427 लगी थी। माना जा रहा है कि जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बातचीत के बाद ही बृहस्पतिवार रात पुलिस ने केस से देशद्रोह की धारा 124 ए हटा ली।

गौरतलब है कि एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान टीम की जीत के जश्न में सुभारती यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए। स्थानीय छात्रों के विरोध करने पर उनसे मारपीट की तथा यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ की थी। हालात बेकाबू होने पर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। यूनिवर्सिटी और पुलिस प्रशासन ने 66 कश्मीरी छात्रों को दिल्ली रवाना कर दिया था।

आरोपों ही होगी जांच

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वहीं सुभारती विश्वविद्यालय के वीसी मंजूर अहमद का कहना है कि मामले के संज्ञान में आते ही छात्रों को निलंबित कर दिया गया था। एक जांच कमेटी बनाई गई जो जांच कर रही है।

राष्ट्रद्रोह का मुकदमा शासन की ओर से कराया गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल इसमें आगे की कार्रवाई शासन को करनी है। तब तक छात्रों का निलंबन जारी रहेगा। एसएसपी ओंकार सिंह के मुताबिक कश्मीरी छात्रों पर दर्ज केस में देशद्रोह के आरोप से संबंधित पुख्ता साक्ष्य नहीं है, लिहाजा देशद्रोह की धारा हटा ली गई है। बाकी आरोप में केस की विवेचना जारी रहेगी।

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