रिमांड खत्म, जेल भेजा गया पाक जासूस इजाज
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छह दिन की पुलिस रिमांड अवधि खत्म होने पर पाक जासूस मोहम्मद इजाज को सोमवार दोपहर जेल भेज दिया गया। इससे पहले इजाज का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। रिमांड के दौरान इजाज से पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अफसरों को काफी नई जानकारियां मिली हैं।
इस्लामाबाद, पाकिस्तान निवासी आईएसआई एजेंट इजाज उर्फ मोहम्मद कलाम को यूपी एसटीएफ ने विगत 27 नवंबर को कैंट एरिया से गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से सैन्य दस्तावेज और नक्शे बरामद हुए थे।
इजाज के खिलाफ थाना सदर बाजार पर केस दर्ज कराया गया था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि इजाज पाकिस्तान का रहने वाला है और वह पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करता है।
आईएसआई ने उसे विशेष तौर पर वेस्ट यूपी और उत्तराखंड की सैन्य छावनियों की जानकारियां भेजने की जिम्मेदारी दी थी। इजाज ने एक साल में वेस्ट यूपी की कई सैन्य छावनियों के गोपनीय दस्तावेज, नक्शे, बरेली, हिंडन एयरबेस और कोलकाता स्थित नौसेना युद्धपोत की वीडियो और फोटो आईएसआई को भेजे थे।
इजाज के पाक नागरिक होने की पुष्टि
इजाज वर्तमान में बरेली में रह रहा था और मेरठ कैंट से सैन्य दस्तावेज लेकर वह बरेली लौट रहा था। सीजेएम कोर्ट ने विवेचक धर्मेंद्र कुमार के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए इजाज को विस्तृत पूछताछ के लिए दो दिसंबर की सुबह आठ बजे से सात दिसंबर की दोपहर 12 बजे तक का उसका पुलिस रिमांड मंजूर किया था।
देश के दुश्मन का सामने आया सच
देश के दुश्मन इजाज से इन छह दिनों में केंद्रीय और स्टेट इंटेलीजेंस ब्यूरो, एटीएस, मिलिट्री इंटेलीजेंस, एलआईयू, यूपी और उत्तराखंड इंटेलीजेंस और एसटीएफ के अधिकारियों के अलावा आईजी जोन आलोक शर्मा ने भी गहन पूछताछ की।
इस दौरान इसकी भी आधिकारिक पुष्टि हुई कि इजाज मूल रूप से पाकिस्तानी नागरिक है। उसके परिवार के पाकिस्तानी नौकरशाही और नामी हस्तियों से करीबी संबंध हैं। इजाज को आईएसआई के इस्लामाबाद स्थित कैंप में आईएसआई के एसपी सलीम और सुभानी ने ट्रेनिंग दी थी।
वह भारत में बांग्लादेश के रास्ते तीन अन्य पाक एजेंटों के साथ कोलकाता पहुंचा था। जहां उसकी मदद कोलकाता निवासी आईएसआई एजेंट इरशाद अंसारी, उसके बेटे अशफाक और रिश्तेदार मोहम्मद जहांगीर ने की थी।
एसटीएफ कोलकाता इन तीनों को इजाज से प्रारंभिक पूछताछ के बाद ही गिरफ्तार कर चुकी थी। इजाज करीब पांच साल से भारत में रहकर देश की सुरक्षा में सेंध लगा रहा था।
पाक नौकरशाही से करीबी संबंध
रिमांड के दौरान ही पुलिस ने पीसीओ से उसकी इस्लामाबाद स्थित उसके परिजनों से भी करीब छह मिनट बात कराई थी। गौरतलब है कि इजाज के हत्थे चढ़ने के बाद से देश भर में आईएसआई के सात एजेंट पकड़े जा चुके हैं।
अब एफएसएल जांच रिपोर्ट पर नजर
पुलिस इजाज के कब्जे से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड की वैज्ञानिक जांच के लिए सभी सामान विगत तीन दिसंबर को सीबीआई की नई दिल्ली स्थित फोरेंसिक साइंस लैब भेज चुकी है। अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं।
विवेचक धर्मेंद्र कुमार के अनुसार उम्मीद है कि 9 दिसंबर तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। तभी पता चलेगा कि पाक जासूस के पास किस तरह की और गोपनीय जानकारियां हैं। साथ ही बीते कुछ समय में उसने किस तरह की जानकारियां आईएसआई को भेजी है। कुछ नए तथ्य आने पर या तो उससे जेल में ही पूछताछ की जा सकती है या फिर उसे रिमांड पर भी मांगा जा सकता है।