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पाकः ये 10 बातें इंटरनेट पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी

Thu, 30 Apr 2015 10:34 PM IST
Updated Thu, 30 Apr 2015 10:34 PM IST
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पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर कार्टून या तस्वीरें बिना उनके मालिक की इजाज़त के पोस्ट करने वाले किसी शख्स को अब जेल जाना पड़ सकता है। देश की संसद में साइबर अपराधों पर प्रस्तावित कानून अगर पारित हो गया तो ऐसी कुछ और गलतियां क्राइम कही जाएंगी।

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'द प्रीवेंशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट, 2015' सरकार को इस बात की इजाज़त देता है कि वह इंटरनेट पर मौजूद कंटेट को सेंसर कर सके। हालांकि इसका मक़सद साइबर अपराधों की रोकथाम को बताया गया है।
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लेकिन प्रस्तावित कानून में इंटरनेट पर मुल्क, मुल्क की अदालतों, फौज और मजहब की आलोचना की सूरत में जुर्माने के साथ-साथ जेल की सज़ा का भी प्रावधान किया गया है।

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6 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना

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नेशनल असेम्बली अगर इस बिल को पारित कर देती है पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर नीचे बताई गई दस चीजें नहीं कर सकेंगे।

 1. सोशल मीडिया या इंटरनेट पर मज़ाक उड़ाने वाले कार्टून या सियासी माखौल बनाने वाली चीज़ें पोस्ट करने पर दस हज़ार अमरीकी डॉलर तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

2. प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ जैसे मशहूर शख्सियतों की तस्वीरें मज़ाक उड़ाने वाले कैप्शन के साथ पब्लिश करने पर जिससे उनकी छवि खराब होती हो, दो साल तक की जेल या जुर्माना लगाया जा सकता है।

3. ऐसा कोई भी कमेंट जो 'इस्लाम की गरिमा' के खिलाफ़ हो, जिससे 'पाकिस्तान की सुरक्षा को खतरा' पहुंचता हो या 'कानून व्यवस्था' बिगड़ने की आशंका हो, सरकार उसे इंटरनेट पर से हटा सकती है।

4. फ़ेसबुक पर 'दोस्त देशों' या अमरीका या सऊदी अरब जैसे पाकिस्तान के सहयोगियों की आलोचना करने पर सरकारी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इंटरनेट पर शेयर करना क्राइम होगा

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5. ये कायदे कानून केवल वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर लागू होंगे। इस तरह की चीज़ों को अख़बारों में पढ़ना या टीवी पर देखने से सरकार को कोई एतराज़ नहीं है लेकिन इंटरनेट पर शेयर करना क्राइम होगा।

6. ईमेल या एसएमएस या व्हॉट्स ऐप पर आपत्तिजनक कटेंट को फॉरवर्ड करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। ये बिल इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन के दूसरे माध्यमों पर भी लागू होता है।

7. 'ख़राब नीयत' से किसी जानकारी या डेटा पर बिना अधिकार के पैठ बनाने पर छह महीने तक जेल की सजा हो सकती है।
पाकिस्तानी युवाओं में सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा है।

8. बिल के मसौदे में 'स्पैमिंग' या बड़े पैमाने पर मैसेज भेजने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

9. रिसीवर की रजामंदी के बगैर मैसेज भेजना भी एक अपराध हो सकता है।

10. अगर ये कानून पारित हो जाता है तो इंटरनेट पर मौजूद किसी भी कंटेंट को सरकार बिना कोई कारण बताए हटा सकती है और अदालत में इसके खिलाफ कोई अपील नहीं होगी।

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