पठानकोट पर पाक ने बदला पैंतरा, कहा 'भारत के सबूत काफी नहीं'
पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले की जांच में पाकिस्तान ने नया पैंतरा दिखाया है। उसका कहना है कि सबूतों के अभाव में जांच में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में वह इसे आगे बढ़ाने के लिए भारत से और सबूत व सुराग की मांग करेगा।
मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि गेंद एक बार फिर भारत के पाले में है क्योंकि जांच को आगे बढ़ाने के लिए हमें और सबूतों की जरूरत है। यह खुलासा ऐसे वक्त में हुआ है जब दो दिन पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वादा किया था कि जांच के नतीजे जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि जांच के नतीजे जो भी होंगे हम उन्हें हर किसी के सामने रखेंगे।
मामले की जांच कर रही छह सदस्यीय पाकिस्तानी टीम ने अपने विदेश मंत्रालय को भारत से और सबूत मांगने के लिए पत्र लिखा है। सूत्र ने कहा कि हमने सरकार को लिखा है कि वह भारत से बात करे और वहां की सरकार को स्थिति से अवगत करवाए। जांच को आगे बढ़ाने के लिए भारत से और सबूत मांगे जाएं।
'भारत से और सबूत आने दीजिए'
इधर, भारत सरकार का दावा है कि दो जनवरी को हुए हमले के बाद उसने पाकिस्तान को सटीक और कार्रवाई योग्य सबूत दिए थे। पठानकोट हमले को अंजाम देने वाले जैश-ए-मोहम्मद और उसके प्रमुख मसूद अजहर के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर सूत्र ने कहा कि पहले भारत से और सबूत आने दीजिए।
उधर, हमले के बाद पाकिस्तान में हिरासत में लिए गए कई संदिग्धों में से अभी तक किसी को भी अदालत के समक्ष पेश नहीं किए जाने से पाक सरकार की ढिलाई सामने आ गई है। सरकार ने अभी तक हिरासत में लिए गए संदिग्धों की संख्या का खुलासा नहीं किया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि जैश के 31 संदिग्ध हिरासत में हैं।
जैश के सरगना मसूद अजहर के बारे में भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, पंजाब प्रांत के कानून मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा था कि अजहर को हिरासत में लिया गया है। प्रधानमंत्री शरीफ ने पंजाब प्रांत के आतंकवाद निरोधी विभाग के अतिरिक्त महानिरीक्षक राय ताहिर के नेतृत्व में छह सदस्यीय जांच टीम बनाई थी, जिसने अब तक दो बैठकें की है।
मोबाइल नंबरों से नहीं मिले सुराग!
जांच टीम ने कथित तौर पर पाकिस्तान से भारत में कॉल करने के लिए इस्तेमाल पांच मोबाइल फोन नंबरों की जांच करीब-करीब पूरी कर ली है। ये नंबर भारत सरकार ने उपलब्ध करवाए थे। इन नंबरों से कोई आगे का सुराग नहीं मिला क्योंकि ये गैरपंजीकृत और फर्जी पहचान पत्र पर जारी नंबर थे। सूत्र ने बताया कि इसके बाद से जांच आगे नहीं बढ़ रही है।
फरवरी के पहले हफ्ते में वार्ता की संभावना टली
पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच बीते महीने टली वार्ता के शुरू होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। 15 जनवरी को प्रस्तावित वार्ता के टलने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि फरवरी के पहले सप्ताह में वार्ता होगी लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। पठानकोट मामले में पाकिस्तान के और सबूत मांगने और उसकी जांच में कोई ठोस प्रगति न होने के कारण इसके आगे और टलने की संभावना जताई जा रही है।
दोहराया आतंकवाद के खात्मे का संकल्प
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सोमवार को एक बार फिर दोहराया कि देश के कोने-कोने से आतंकवाद का सफाया किया जाएगा। पूरे देश में नेशनल एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को स्कूल जाने से रोकने वाली ताकतों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया है कि आतंकवाद और कट्टरपंथ से लड़ने को लेकर पाक सरकार के संकल्प पर कोई संदेश नहीं जताया जा सकता। बैठक में सेना प्रमुख राहील शरीफ, आंतरिक मामलों के मंत्री निसार अली खान, आईएसआई के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल नासेर खान जंजुआ और अन्य अधिकारी शामिल थे।