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विरोध के बीच पाक पीएम ने की जियारत
जयपुर/ब्यूरो
Updated Sat, 09 Mar 2013 09:42 PM IST
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इरादे रोज बनते हैं मगर फिर टूट जाते हैं/वही अजमेर जाते हैं जिन्हें ख्वाजा बुलाते हैं...।
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भारत ने इस भावना का पूरा सम्मान करते हुए एक बार फिर अपने बड़प्पन का परिचय दिया और शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की सम्मानजनक अगवानी की।
अशरफ ने परिवार समेत अजमेर के गरीब नवाज ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दर पर पहुंच कर जियारत की।
हालांकि जयपुर और अजमेर समेत देश के अलग-अलग शहरों में अशरफ की यात्रा का विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन विरोध करते रहे।
जियारत के बाद शाम को पाक पीएम अपने देश लौट गए। पाकिस्तान अक्सर कहता है कि भारत को बड़े भाई की तरह व्यवहार करना चाहिए और बड़ा दिल रखना चाहिए।
भारत ने दिखा दिया कि उसका दिल उम्मीदों से कहीं बड़ा है। इस साल 8 जनवरी को पाकिस्तानी सेना द्वारा दो भारतीय सैनिकों का सिर काट लेने की बर्बर घटना पर देश भर में हो रहे जबर्दस्त विरोध के बावजूद अशरफ की ‘निजी यात्रा’ पर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने जयपुर में उनका स्वागत किया।
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भव्य रामबाग पैलेस होटल में दोपहर के भोज का आयोजन किया। लेकिन कूटनीति के स्तर पर भारत ने साफ संदेश भी दिया कि इस शिष्टाचार का मतलब यह नहीं कि पाकिस्तान के दुर्व्यवहार को वह भूल गया है।
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भले ही खुर्शीद ने बांहें फैला कर अशरफ का स्वागत किया, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य की गवर्नर मारग्रेट अल्वा ने उनके साथ मुलाकात और लंच से खुद को दूर रखा।
खुर्शीद ने मीडिया से कहा कि अशरफ की निजी यात्रा होने के कारण आपसी संबंधों और सीमा विवाद पर चर्चा का यह उचित समय नहीं था।
भाजपा की ओर से अशरफ की यात्रा के विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा पहले खुद का इतिहास देखे।
वहीं भाजपा ने दरगाह के दीवान जैनुल अबेदीन अली खान द्वारा अशरफ की यात्रा का बायकॉट करने के फैसले पर कहा कि इसमें भारत की ‘जन भावना’ को देखा जा सकता है।
हैदराबाद में भाजपा के वरिष्ठ नेता वैंकया नायडू ने कहा, ‘मुझे लगता है दीवान का फैसला अच्छा है, जो भारत के नागरिकों की भावना को दर्शाता है... मैं नहीं जानता कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर क्या सोचती है।’
उधर, अशरफ के होटल पहुंचने से पहले स्थानीय कर्णी सेना ने विरोधस्वरूप काले झंडे दिखाए और अजमेर में भी उनकी यात्रा का सुबह से ही विरोध होता रहा।
अशरफ विशेष विमान से तय कार्यक्रम से करीब 50 मिनट देरी से जयपुर हवाई अड्डे पहुंचे। वे 12.45 बजे होटल में आए। यहां लंच से पहले वे खुर्शीद के साथ मीडिया से मुखातिब हुए और हाथ मिलाया। खुर्शीद ने हाथ मिलाते हुए उनसे कहा कि ख्वाजा ने आपको बुलाया है, इसलिए आप यहां आए हैं।
अशरफ के साथ पाकिस्तान से आए 32 सदस्यीय दल में उनकी पत्नी, दो बेटे, बेटियां, साला, साली सहित 18 परिजन थे। वह जयपुर हवाई अड्डे से बीस सीटर भारतीय सेना के तीन हेलीकॉप्टरों के जरिए 4 बज कर 10 मिनट पर अजमेर पहुंचे। दरगाह तक जाने के लिए उनका 20 बुलेटप्रूफ गाड़ियों का कारवां था।