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टुंडा पर पटियाला हाउस कोर्ट में हमला

Tue, 20 Aug 2013 08:50 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 20 Aug 2013 08:50 PM IST
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पटियाला हाउस कोर्ट में मंगलवार को एक शख्स ने आतंकी अब्दुल करीम टुंडा पर हमला कर दिया। वह आतंकी के मुंह पर तमाचा मारना चाहता था, लेकिन उसका हाथ पीठ पर लगा।

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इससे पहले एक शख्स ने कोर्ट में टुंडा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उसे गोली मारने की मांग की। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।

टुंडा को मंगलवार को ड्यूटी एमएम जय थरेजा की कोर्ट में पेश किया गया। हिंदू सेना के दो लोग पहले से कोर्ट परिसर में मौजूद थे।

पुलिस जैसे ही आतंकी को लेकर कोर्ट पहुंची तभी विष्णु गुप्ता नामक युवक नारेबाजी करते हुए उसकी ओर बढ़ने लगा। पुलिस ने फौरन उसे दबोच लिया।

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हिंदू सेना से जुड़ा दूसरा युवक शिव कुमार राघव कोर्ट में बैठा था, वह नारे का संकेत मिलते ही परिसर में आया और टुंडा को चांटा मारने की कोशिश की।

पुलिस के कमांडो घेरे में घुस कर उसने थप्पड़ चलाया, लेकिन उसका तमाचा टुंडा के चेहरे को छूते हुए उसकी पीठ पर लगा। विष्णु गुप्ता दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार का रहने वाला है, जबकि शिव कुमार गाजियाबाद निवासी है। शिव हिंदू सेना का अध्यक्ष है।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम के बाहर से संदेह के आधार एक सिख को भी हिरासत में लिया गया है। वह टुंडा के बाहर आने का इंतजार कर रहा था, लेकिन हमले के बाद चौकन्ने पुलिस वालों ने उसे पकड़ लिया।

उसने खुद को पत्रकार बताया और एक पत्रिका का परिचय पत्र दिखाया। वहां मौजूद पत्रकारों में से किसी ने उसे नहीं पहचाना। अदालत ने पुलिस को टुंडा की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।


आखिरकार शिकंजे में

नब्बे के दशक में बम धमाकों की झड़ी लगाकर बेगुनाहों को मौत की नींद सुलाने वाले अब्दुल करीम टुंडा ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल किया है। टुंडा ने स्वीकार किया कि आइएसआइ और लश्कर के इशारे पर उसने ही अपने नेटवर्क का प्रयोग कर बम धमाके कराए थे।

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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त एमएम ओबेरॉय के अनुसार, पूछताछ में टुंडा सहयोग कर रहा है। कभी-कभी उसे पुरानी बातें याद करने में थोड़ी दिक्कत आ रही है, लेकिन जितना उसे याद है, बता रहा है।

टुंडा ने बम धमाकों को अंजाम देने के लिए युवकों को भर्ती करने, उन्हें प्रशिक्षण देने तथा बम उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।

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