अमेरिका का सर्टिफिकेट, आतंक से लड़ रहा पाकिस्तान
आतंक के खिलाफ जंग के लिए पाकिस्तान को एक बार फिर से अमेरिका का सहयोग मिला है। अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ लड़ाई के लिए आर्थिक मदद देने पर ग्रीन सिग्नल दिया है।
इसके साथ ही केरी-लुगार के बिल के तहत पाकिस्तान को 532 मिलियन डॉलर के आर्थिक सहयोग का रास्ता भी साफ हो गया है।
ओबामा के भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने पाकिस्तान सरकार को आतंक के खिलाफ लड़ाई की तारीफ करते हुए उसे सर्टिफिकेट भी दिया है। जिसमें पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा है।
पाकिस्तान को मिले इस सर्टिफिकेट के बाद केरी-लुगार बिल के तहत अमेरिका से सहायता पैकेज पा सकता है।
केरी-लुगार बिल के तहत मिलेगी सहायता
हालांकि इस मुद्दे पर भारत ने कड़ा ऐतराज जता सकता है। जॉन केरी भारत में वाइब्रेंट गुजरात समिट में हिस्सा लेने आ रहे हैं। ये कार्यक्रम 11 जनवरी से गांधीनगर में शुरू होगा। ओबामा के दौरे से पहले ये घटनाक्रम कई सवाल खड़े करता है।
दरअसल अमेरिका ने साल 2009 में एक प्रस्ताव पारित किया था जिसका नाम केरी-लुगार बिल था।
जिसमें अमेरिका ने पाकिस्तान को 2010 से 2014 के असैन्य आर्थिक सहयोग की बात कही थी। इस बिल के तहत इस साल 532 मिलियन डॉलर पाकिस्तान को दिए जाएंगे।
इस बीच पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड ओल्सन ने पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशक डार से मुलाकात की और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी के दौरे की तैयारी को लेकर चर्चा की।
अब जबकि अमेरिका ने इस एक बार फिर से पाकिस्तान को ये सर्टिफिकेट दिया है इससे एक बार फिर पाकिस्तान ये सहयोग पाने का हकदार हो गया है।
फिलहाल ये पूरा घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा के भारत दौरे से पहले हुआ है। जिस पर भारत अपना ऐतराज जता सकता है।