संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान पाक ने दिखाई थी चालबाजी
राजस्थान के जैसलमेर जिले में युद्धाभ्यास के दौरान सैन्य अफसरों को मिले विशेष बेसिक फोन (लैंड लाइन) नंबरों को पाकिस्तान ने चालाकी से लेने का प्रयास किया था। बीएसएनएल के कर्मचारी ने एक-दो अधिकारियों को नंबर भी दे दिए थे, लेकिन पाक की ये हरकत पकड़ी गई।
अब सुरक्षा एजेंसियों ने बीएसएनएल सहित राजस्थान में तैनात सैन्य अधिकारियों को अलर्ट जारी कर बिना पड़ताल अपना नंबर शेयर नहीं करने को कहा है।
सूत्रों के मुताबिक पिछले साल सितंबर से दिसंबर में पोकरण में युद्धाभ्यास के दौरान अधिकारियों को विशेष फोन नंबर दिए गए थे। बीएसएनएल कार्यालय में पाकिस्तान से इंटरनेट कॉल आया, जो दिल्ली का कोड दरसा रहा था।
उस वक्त कॉल अटेंड करने वाले को यह नहीं पता था कि यह पाकिस्तान की ओर से इंटरनेट कॉल है। इसकी वजह से एक या दो नंबर दे दिए गए। इसकी जानकारी मिलते ही खुफिया एजेंसी ने अलर्ट किया।
सुरक्षा एजेंसियों ने नंबर शेयर न करने की दी हिदायत
बीएसएनएल के अधिकारी योगेश भास्कर के मुताबिक युद्धाभ्यास के दौरान सैन्य यूनिट को कुछ नंबर आवंटित किए गए थे। पाकिस्तान की ओर से बीएसएनएल एकाउंट डिवीजन को कॉल किए गए और यूनिट अधिकारियों व जवानों के फोन बिल की पूछताछ की।
इतना ही नहीं पाकिस्तान से फोन करने वाले कॉलर ने सेना की लोकेशन भी जाननी चाही। कॉल तो पाकिस्तान से आई थी, लेकिन कॉलर ने दिल्ली से बताया।
जैसलमेर पुलिस अधीक्षक राजीव पचार ने बताया कि उन्होंने सेना, वायुसेना और बीएसएफ मुख्यालयों में पत्र लिखकर कहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों में फोन और कैमरा लेकर जाने वाले जवानों पर नजर रखी जाए।