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महात्मा गांधी के बारे बदल रही है पाकिस्तान की सोच
अमर उजाला, चड़ीगढ़
Updated Thu, 19 Sep 2013 02:34 PM IST
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महात्मा गांधी के पौत्र डॉ. राजमोहन गांधी ने कहा कि बापू के बारे में पाकिस्तान की आवाम की सोच में बदलाव आ रहा है। जबकि बंटवारे के समय बापू को चालाक हिंदू बनिया के तौर पर पाकिस्तान में जाना जाता था।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को भारत-पाक बंटवारे के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना बिल्कुल सही नहीं है। पंजाब के इतिहास पर लिखी 10वीं किताब के विमोचन के बाद डॉ. गांधी ने बापू की जिंदगी से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि सन् 1707 से 1947 के दौर पर लिखी किताब में औरंगजेब से लेकर सिख, मुस्लिम और अंग्रेजी साम्राज्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि नई किताब के तथ्य जुटाने के लिए पाकिस्तान जाने का मौका मिला। यह जानकर काफी अच्छा लगा का बापू के बारे में पाकिस्तान के लोगों की सोच बदल रही है।
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डॉ. राजमोहन ने कहा कि गांधीजी में सबसे बड़ी खासियत अपने लोगों को भी गलत काम करने पर डांटने की थी।
मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के सवाल पर गांधी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज को तोड़ने का काम करती हैं।
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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को भारत-पाक बंटवारे के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना बिल्कुल सही नहीं है। पंजाब के इतिहास पर लिखी 10वीं किताब के विमोचन के बाद डॉ. गांधी ने बापू की जिंदगी से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।
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उन्होंने कहा कि सन् 1707 से 1947 के दौर पर लिखी किताब में औरंगजेब से लेकर सिख, मुस्लिम और अंग्रेजी साम्राज्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि नई किताब के तथ्य जुटाने के लिए पाकिस्तान जाने का मौका मिला। यह जानकर काफी अच्छा लगा का बापू के बारे में पाकिस्तान के लोगों की सोच बदल रही है।
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डॉ. राजमोहन ने कहा कि गांधीजी में सबसे बड़ी खासियत अपने लोगों को भी गलत काम करने पर डांटने की थी।
मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के सवाल पर गांधी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज को तोड़ने का काम करती हैं।