पाकिस्तान से आई 'दुल्हनों' के लिए बड़ी खुशखबरी
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भारतीय नागरिकता के लिए वर्षों से आस लगाए बैठी पाकिस्तान से आई दुल्हनों के लिए यह खबर राहत भरी है।
लांग टर्म वीजा (एलटीवी) के सहारे सहारनपुर में अपने परिवार के साथ रह रहीं मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों को भारतीय नागरिकता देने के लिए जुलाई माह में 15 और 16 को दो दिवसीय कैंप लगाया जाएगा। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा के आदेश पर सहारनपुर सहित प्रदेश के छह जिलों में यह व्यवस्था की गई है।
सहारनपुर में पाकिस्तान से शादी करके आई दर्जनों मुस्लिम महिलाएं काफी वर्षों से आज भी भारत सरकार से भारतीय नागरिकता के लिए आस लगाये बैठी हैं। यहां ऐसी महिलाओं की संख्या 100 के करीब है और इनमें से कई ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी लंबे समय से किया है। मगर, तकनीकी पेंचीदगी के चलते अब तक शादी के 25-30 साल बाद भी एलटीवी पर ही अपने घर में रहना पड़ रहा है।
100 से ज्यादा पाकिस्तान से लौटे लोग हैं शहर में
आपको बता दें कि प्रमुख सचिव गृह ने सहारनपुर, अलीगढ, कानपुर नगर, बरेली, रामपुर और आगरा के जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से लंबे समय से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को भारत की नागरिकता प्रदान किये जाने के मामलों को निपटाने के लिए 15 व 16 जुलाई को विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें प्राथमिकता के आधार पर इन्हें नागरिकता देने संबंधी पेंचीदगियों को हल करने के निर्देश दिए गए हैं।
हर साल लगाना पड़ता है चक्कर
शादी होकर आने के वर्षों बाद भी नागरिकता नहीं मिलने से इन महिलाओं को हर साल चक्कर लगाना पड़ता है। लांग टर्म वीजा को हर वर्ष पाकिस्तानी एंबेसी से रिन्यूवल कराना पड़ता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पाकिस्तानी आई कार्ड को वहां जाकर दोबारा बनवाना पड़ता है तथा इसके लिए महीनों पाकिस्तान में ही रहना पड़ता है, जबकि हिन्दुस्तान मे रहते हुए भी इन मुस्लिम महिलाओं को न वोट डालने का अधिकार है और न ही उन्हें किसी भी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता है।
बढ़ी नागरिकता की उम्मीद
सहारनपुर की मरियम, हुस्नबानो, शगुफ्ता नाज, शमीम बानों की कहानी भी दर्दभरी है। इनका दर्द है कि इन्हें भारत की जमीन पर रहते हुए उम्र गुजर रही है, मगर सरकारी सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है।
इनकी शादी को 20 से 30 साल होने को हैं और भारतीय नागरिकता के लिए इन्हें चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालांकि इन लोगों ने सरकार के इस फैसले पर खुशी जताई है।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रवीर सिंह यादव के मुताबिक पाकिस्तान से सात वर्षों से ज्यादा समय से यहां रह रहीं महिलाओं के भारतीय नागरिकता के लिए दो दिवसीय कैंप लगाया जाएगा।
लोकल इंटेलीजेंस को इस कैंप के लिए सक्रिय किया गया है। जिन लोगों के आवेदन आएंगे उनकी कागजी प्रक्रिया इस कैंप में पूरी कराई जाएगी।