कसाब की तरह नावेद को भी पाकिस्तानी मानने से किया इनकार
भारत सरकार ने पाकिस्तान के उस दावे को खारिज कर दिया है। जिसमें उसने उधमपुर आतंकी हमले में जिंदा पकड़े गए आतंकी नावेद को अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया था। पाकिस्तान ने यह कहते हुए नावेद को अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया था कि उसका नाम नेशनल डैटाबेस में शामिल नहीं है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने कहा है कि भारत सरकार ने जो मीडिया में दावे किए हैं, हम आशा करते हैं इस संबंध में वो हमसे जानकारी साझा करेंगे।
इससे पहले एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने पाकिस्तान सरकार के सू्त्रों के हवाले से खबर दी कि पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि जिंदा पकड़े गए आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब उर्फ उस्मान खान का नाम नेशनल डैटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी में शामिल नहीं है। पाकिस्तान सरकार ने भारत के दावों को अप्रमाणित और अनुचित बताया है।
पाकिस्तान के सरकारी सू्त्रों ने कहा कि आतंकी के बारे में भारत सरकार ने जो भी दावा किया है वो पूरी तरह आधारहीन है। भारत सरकार के सुरक्षा सू्त्रों ने इसे पाकिस्तान की बहानेबाजी और अपना चेहरा बचाने की कवायद करार दिया है।
राजनाथ ने संसद में दी पाकिस्तानी होने की जानकारी
पाकिस्तान की जनसंख्या 18 करोड़ है और नेशनल डैटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी की वेबसाइट के मुताबिक उसने 9.6 करोड़ नागरिकों के बारे में जानकारी इकट्ठी कर रखी है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान के पास करीब अपने आधे नागरिकों का डैटाबेस नहीं है। ऐसे में पाक का दावा अपने आप ही खारिज हो जाता है।
2008 में मुंबई हमले मे शामिल रहे आतंकी अजमल कसाब को भी पाकिस्तान ने पहले अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया था। बाद में एक महीने बाद कसाब को अपना नागरिक कबूल कर लिया था।
राजनाथ ने संसद में दी पाकिस्तानी होने की जानकारी
गुरुवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में ऊधमपुर हमले की जानकारी देते हुए बताया कि जिन दो आतंकियों ने बीएसएसफ के काफिले पर हमला किया था, उनमें जीवित पकड़े गए आतंकी ने अपना नाम नावेद उर्फ उस्मान बताया है। मारे गए आतंकी का नाम नोमान उर्फ मोमिन था। नोमान पाकिस्तान के भावलपुर का था।
उन्होंने बताया कि आतंकी पाकिस्तान के फैसलाबाद से आए थे। हमले में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए, जबकि 11 जवान घायल हो गए। जवानों और ग्रामीणों के साहस की सराहना करते हुए राजनाथ ने कहा कि जवान ने जिस साहस का परिचय दिया, उसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। आतंकी को पकड़ने वाले ग्रामीणों को सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार से निवेदन किया जाएगा।