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भारत पर हमले को अलकायदा से मिले थे पाक-हाथ

Wed, 11 Mar 2015 07:49 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 11 Mar 2015 07:49 PM IST
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Pak tried to deal with al-Qaeda for targeted India

न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में अमेरिकी अभियोजकों द्वारा दायर दस्तावेजों से पता चला है कि पाकिस्तान ने भारत को निशाना बनाने के लिए 'अलकायदा' से एक गुप्त समझौता किया था।

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ के साथ साथ देश की ताकतवर खुफिया एजेंसी आईएसआई ने साल 2010 की गर्मियों में अलकायदा के साथ एक गुप्त शांति समझौता किया था।
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अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के घर से मिला एक पत्र बताता है कि पाकिस्तान ने अलकायदा के नंबर तीन सैयद अल मसरी से संपर्क किया था। दस्तावेज यह भी दर्शाते हैं कि यह संगठन भारत में भी अपना आपरेशन शुरू करने जा रहा था।
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अमेरिकी जांच दल को ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद स्थित घर पर खोजबीन के दौरान कुछ दस्तावेज मिले जिन्हें आरोपी पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक आबिद नसीर को दोषी ठहराने के लिए वकील द्वारा इस्तेमाल में लाया गया था।

नसीर का साल 2013 में यूनाइटेड किंगडम से प्रत्यार्पण करवाया गया था। उस पर मैनचेस्टर और न्यूयॉर्क में चरणबद्ध आतंकी हमलों की योजना और उसको नेतृत्व देने का आरोप था।

2010 के आसपास शुरू हुई थी बातचीत

Pak tried to deal with al-Qaeda for targeted India

बिन लादेन के वकील के पास जो अहम दस्तावेज थे उनकी जानकारी अलकायदा के संचालन प्रमुख अब्दि रिजॉक अब्दी सालेह उर्फ सालेह द सोमाली को भी थी। दस्तावेज बताते हैं कि इनके बीच साल 2010 की गर्मियों से ही बातचीत शुरू हुई थी।

अलकायदा के मैनेजर अतियाक अब्द अल रहमान ने बिन लादेन को जून 2010 में बताया था कि हाफिज के दिनों से ही पाकिस्तानी सेना हमारे साथ और तहरीक-ए-तालिबान (हकीमुल्ला) के साथ पिछले कुछ समय से पत्र व्यवहार कर रही है।

अमेरिका के सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि सैयद अल मसरी, हकीमुल्ला से लेकर टीटीपी के पूर्व मुखिया हकीमुल्लाह मसूद तक के लिए एक कोड वर्ड रखा गया था।

जनरल पाशा पर आरोप लग चुका है कि वो जानते थे कि आईएसआई अच्छे से जानता था कि बिन लादेन एबटाबाद में छिपा हुआ है। उन पर यह भी आरोप लगा है कि उनका तमाम आईएसआई कर्मियों के जरिए 26/11 की आतंकी साजिश को रचने वाले डेविड कोलमैन हैडली से संपर्क था।

गुप्त शांति समझौते में रहमान ने बिन लादेन को बताया था कि पाकिस्तान ने सूचित किया है कि हम तुम्हे छोड़ने को तैयार हैं और हमारी लड़ाई मुख्य रूप से अमेरिकियों के खिलाफ है।

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