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26/11: हमले में पाक जासूस का था अहम रोल

Sat, 09 Nov 2013 11:47 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 09 Nov 2013 11:47 AM IST
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pak spy was involved in indian security agencies

26/11 का हमला करने के लिए पाकिस्तान से आए आतंकी जिस जगह से मुंबई में घुसे, उस जगह की तलाश में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों में मौजूद पाकिस्तान के एक भेदिये ने ही अहम भूमिका निभाई थी।

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मुंबई हमले पर दो ब्रिटिश पत्रकारों की ओर से लिखी गई किताब में दावा किया गया है कि ‘हनी बी’ छद्म नाम वाले इसी भेदिये ने आईएसआई के अपने आकाओं को बताया था कि आतंकी दक्षिण मुंबई में बधवार पार्क के पास से प्रवेश कर सकते हैं।
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इसकी सूचना आईएसआई ने लश्कर के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड हेडली को दी थी। हेडली ने रेकी करने के दौरान यह जगह ढूंढ़ निकाली थी।

ब्रिटिश पत्रकार एड्रियन लेवी और कैथी स्कॉट क्लार्क ने दावा किया है कि हेडली आईएसआई की ओर से दो साल से निगरानी और काउंटर इंटेलिजेंसी में लगा था।

उसके आका आईएसआई के मेजर इकबाल के दावे के मुताबिक उसे वर्गीकृत भारतीय फाइलें सौंपी गई थीं। मेजर का दावा था कि ये फाइलें उसे भारतीय पुलिस और सेना के लोगों से मिली थीं और इनसे उनकी ट्रेनिंग और सीमाओं के बारे में पता चल गया था।
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मेजर के दावे के मुताबिक आईएसआई के पास दिल्ली में एक सुपर एजेंट था, जिसे हनी बी नाम दिया गया था। मेजर के दावे के मुताबिक वह हेडली को निर्देश देता रहा था।

वह मुंबई पर हमले में लश्कर की भूमिका चाहता था। किताब के मुताबिक पाकिस्तान छोड़ने से पहले मेजर ने हेडली को नकली भारतीय नोटों का बंडल और कई सुझाव दिए थे।

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और मुंबई हमले के समय इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक रहे पीसी हलदर ने किताब में किए गए इन दावों पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है।


इन दोनों का कहना है कि उन्होंने अभी किताब पढ़ी नहीं है। दूसरी ओर गार्जियन के लिए लिखने वाले किताब के लेखकों ने कहा है कि सामग्री जुटाने के लिए उन्होंने भारतीय वर्गीकृत (क्लासीफाइड) दस्तावेजों, अमेरिकी और ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों के स्त्रोतों, अप्रकाशित हजारों दस्तावेजों के अलावा हमले में लापरवाही की जांच करने वाली प्रधान कमेटी को सौंपी गई गोपनीय अनुलग्नक (एनेक्सर) का अध्ययन किया।

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