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आतंकी ढांचा खत्म करे पाक, तभी सफल होगी वार्ता : आडवाणी

Sun, 14 Dec 2014 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Dec 2014 12:01 AM IST
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pak should destroy terrorist structure first

संसद पर हमले की 13वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका बलिदान आज भी हमारी यादों बसा हुआ है। 2001 में आज के दिन लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों को हम सभी सलाम करते हैं।

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आतंकी हमले के वक्त देश के उपप्रधानमंत्री रहे लालकृष्ण आडवाणी ने पाकिस्तान पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके साथ वार्ता तभी सफल हो सकती है जब वह आतंकवाद के बुनियादी ढांचे को खत्म करे।
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उन्होंने कहा है कि पड़ोसी देश के साथ बातचीत पहले से तय शर्तों पर होनी चाहिए। वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर की सुरक्षा में जीवन की कुर्बानी देने वाले शहीदों को देश कभी नहीं भूल सकता।
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शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी ने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि खतरा खत्म नहीं हुआ है। चुनौती उस विशेष दिन तक ही सीमित नहीं थी और राष्ट्र लंबे समय से आतंकवाद का सामना कर रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि पाकिस्तान उस समय आतंकवाद के बुनियादी ढांचों को ध्वस्त करने पर एक तरह से सहमत हुआ था। तब भी हम लोगों ने कहा था कि अगर यह कदम उठाया जाएगा, वार्ता तभी लाभदायक होगी।

आडवाणी ने कहा कि उनका हमेशा से यह विचार रहा है कि हमारे पड़ोसी मुल्क को यह कदम उठाना चाहिए। तभी हमारी बातचीत सफल हो सकती है। परंतु अफसोस की बात है कि यह कदम अभी तक नहीं उठाया गया है।

वहीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने घटना के दिन की याद ताजा कराते हुए कहा कि जिस समय यह घटना हुई, हम लोग कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए थे। उस समय प्रधानमंत्री वाजपेयी के भीतर रहते हुए संसद परिसर में अगर एक भी आतंकवादी प्रवेश कर जाता तो क्या होता?


उन्होंने कहा कि वह उस समय संसद के बजाय अपने मंत्रालय में थी। संसद हमले की 13वीं बरसी पर संसद भवन में आयोजित समारोह में राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अन्य सदस्यों ने भी हिस्सा लिया।

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