गांव वालों की सेवा के लिए छोड़ दी सेना की नौकरी
कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मंजिल अपने आप आसान हो जाती है। शायद यही जज्बा और सेवा भाव पदमा को अन्य लोगों से अलग करती है। तभी तो नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. पदमा धीमान ने सेना में प्रवक्ता की नौकरी करने के बजाय गांव की सेवा करने को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने सेना में इंटर कालेज के प्रवक्ता पद के लिए हुई परीक्षा को पास कर लिया है। बावजूद इसके उन्होंने प्रधानी करते हुए गांव में समग्र विकास कराने की बात कही है। गांव को हाईटेक बनाना उनका सपना है।
विकास खंड पुवांरका की ग्राम पंचायत गागलहेड़ी से चुनी गई बिजेंद्र धीमान की पत्नी डा. पद्मा धीमान एमए, पीएचडी और नेट परीक्षा पास हैं।
गांव के विकास के लिए किया फैसला
हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में वे प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुई हैं। 20 दिसंबर को उनकी शपथ ग्रहण होनी है। गत शुक्रवार को पद्मा धीमान का सेना के इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद के लिए दी गई परीक्षा का परिणाम आ गया। इसमें वे पास हो गई हैं। परीक्षा पास करते ही गांव में यह चर्चा तेज हो गई कि वे प्रधान पद से इस्तीफा देकर सेना में प्रवक्ता की नौकरी ज्वाइन करेंगी।
जब इस बारे में पद्मा धीमान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे नौकरी के बजाय गांव की प्रधानी को अहमियत नहीं देंगी। वे गांव के समग्र विकास के लिए प्रधान पद पर बने रह कर ग्रामीणों की सेवा करेंगी। वह कहती हैं कि गांव को हाईटेक बनाना उनका सपना है।