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मोदीनगर बम ब्लास्ट: मतीन और इलियास को उम्रकैद
गाजियाबाद/ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2013 12:00 AM IST
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17 साल पहले मोदीनगर बस स्टैंड के पास यूपी रोडवेज की बस में हुए बम विस्फोट मामले में एडीजे-7 कोर्ट ने पाकिस्तानी आतंकी मतीन और मुजफ्फरनगर निवासी इलियास को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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न्यायाधीश मंगल प्रसाद ने दोनों पर 1.70 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसी मामले में आरोपी बनाए गए तीसरे आरोपी तसलीम को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। भीड़ के मद्देनजर कोर्ट के बाहर पुलिस ने सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए थे।
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डासना जेल में बंद आतंकी मतीन को कड़ी सुरक्षा में सोमवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। जमानत पर चल रहे इलियास और तसलीम भी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने तसलीम को बरी करते हुए मतीन और इलियास को दोषी करार दिया। इलियास और आतंकी मतीन ने कोर्ट में तीखी प्रतिक्रिया भी जताई।
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सजा के बिंदुओं पर बहस करते हुए इलियास के अधिवक्ता कुंवर मोहम्मद यामीन और मतीन के न्यायमित्र अवध त्यागी ने कोर्ट से अपील की कि आरोपियों के मां-बाप बूढे़ हैं। इसको देखते हुए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। जबकि सरकारी वकील राजेंद्र कसाना का कहना था कि इस बम कांड में 16 निर्दोष लोग मारे गए, जबकि 48 लोग घायल हुए थे।
"अभियुक्त अब्दुल मतीन फिजिक्स के सिद्धांतों का बारीकी से ज्ञान रखता है। उसने खुद कहा भी है कि फिजिक्स के सिद्धांत के आधार पर वह विद्युत ऊर्जा का निर्माण भी कर सकता है। अर्थात इस प्रकृति का ज्ञान रखने वाले व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ जैसी वस्तु का निर्माण आसानी से कर सकते हैं। अतएव यह पाया जाता है कि अब्दुल मतीन ने विस्फोटक पदार्थ का निर्माण कर अपने सहयोगी इलियास की मदद से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जन-धन हानि करने के उद्देश्य से उपरोक्त बस में विस्फोट किया।"
- मंगल प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम।