मलाला को नोबेल पर क्या बोला तालिबान?
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पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता और लड़कियों की शिक्षा के लिए काम कर रही मलाला यूसुफजई को नोबेल पुरस्कार मिलने पर पूरी दुनिया बधाई दे रही है, लेकिन उनका यह सम्मान पाकिस्तानी तालिबान को रास नहीं आया।
17 वर्षीय मलाला को नोबेल पुरस्कार मिलने से पाकिस्तान का तालिबान खफा हो गया है।
पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक तालिबान नेताओं ने मलाला को मिले इस सम्मान की कड़ी आलोचना की है। तालिबानी संगठन जमात उल अहरार के प्रवक्ता अहसान उल्लाह अहसान ने सोशल साइट में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मलाला को 'काफिरों की एजेंट' लिखा है।
वहीं दूसरे तालिबान की मीडिया विंग के सदस्य ने कहा है कि मलाला ने कभी इस्लाम का संदेश नहीं दिया। इससे पहले तालिबान ने मलाला पर जानलेवा हमला भी कर चुका है।
तालिबान ने मलाला पर क्यों किया था हमला?
पाकिस्तान तालिबान ने 2012 में हमला कर चुका है। पाकिस्तान में मौजूद तालिबान का मामना है कि लड़कियों को स्कूल नहीं जाना चाहिए क्योंकि यह इस्लाम के खिलाफ है। इसके लिए पाकिस्तान में तालिबान का फरमान भी जारी था।
मलाला और उसके पिता ने तालिबान के इस फरमान नहीं माना और बच्चियों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करना जारी रखा। इसलिए मलाला के स्कूल जाने से से खफा होकर तालिबान ने उन्हें जान से मारने की कोशिश कर चुका है।
9 अक्टूबर 2012 मलाला जब स्वात घाटी स्थित अपने घर के निकट स्कूल में पढ़ने जा रही है तब एक पिस्टलधारी शख्स आया और मलाला के साथ स्कूल जा रहे बच्चों का नाम पूंछा। मलाला ने जब अपना नाम बताया तो उसने मलाला के सिर गोली मार दी।
लेकिन गोली मलाला के सिर की त्वचा को चीर कर निकल गई। इसके बाद कई महीनों तक मलाला को हॉस्पिटल में रहना पड़ा था।
मोदी, ओबामा से भी मलाला को बधाई
गौरतलब है कि मलाला की इस कामयाबी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। वहीं दुनिया भर से मिल रही बधाई में अमेरिकी राष्ट्रपति बाराक ओबामा भी भी बधाई दी है।
पीएम मोदी ने ट्विटर के जरिए मलाला के काम की तारीफ की है।
Malala Yousafzai's life is a journey of immense grit & courage. I congratulate her on being awarded the Nobel Peace Prize.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 10, 2014
ओबामा ने मलाला को बधाई देते हुए कहा कि मात्र 17 साल की उम्र में ही मलाला ने पूरी दुनिया के लोगों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि मलाला की मेहनत बताती है कि लड़कियां भी शिक्षा पा सकती हैं।