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'भारत के सबूतों पर पाक ने पहली बार की कार्रवाई'

Tue, 01 Mar 2016 10:52 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 01 Mar 2016 10:52 PM IST
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Pak acts on the proof against Pak nationals on Pathankot case

पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर हाल में हुए आतंकी हमले के संबंध में गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ऐसा ‘पहली बार’हुआ है कि पाकिस्तान ने ऐसे किसी मामले में भारत की ओर से उपलब्ध कराए गए सबूतों के आधार पर कार्रवाई की।

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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने घटना में संलिप्त पाकिस्तानी नागरिकों की भूमिका की जांच के लिए एक मामला दर्ज किया। रिजिजू ने कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तान की सरकार से इस हमले में पाक नागरिकों की संलिप्तता के बारे में सूचना साझा की। राज्य सभा में रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा कि जनवरी में हुआ हमला पाकिस्तान के नॉन स्टेट एक्टर्स की ओर से किया गया था जिन्हें पाकिस्तानी प्रतिष्ठान और सरकार का समर्थन प्राप्त था। उन्होंने कहा कि कोई भी नॉन स्टेट एक्टर्स बिना सरकार की मदद के आसानी से काम नहीं कर सकता। रक्षा मंत्री शिवसेना सदस्य संजय राउत के सवाल का जवाब दे रहे थे।
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राउत यह जानना चाहते थे कि पठानकोट घटना आतंकवादी हमला था या पाकिस्तानी सेना के सहयोग से सैन्य अभियान। परिकर ने हमले से संबंधित विवरण देने से इनकार करते हुए कहा कि एनआईए पहले ही मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा सकती। इससे पहले रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर राडार, सेंसर, कैमरा व अन्य तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे।

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एलओसी की गरिमा बनाए रखे पाक

Pak acts on the proof against Pak nationals on Pathankot case

लोकसभा में गृह राज्य मंत्री हरीभाई पी चौधरी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से नियंत्रण रेखा की गरिमा बरकरार रखने और एलओसी व अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2003 के संघर्ष विराम के पालन की प्रतिबद्धता जताने को कहा है।

उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम के मुद्दे को पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ हॉटलाइन, फ्लैग मीटिंग के साथ ही डीजीएमओ की बैठक में भी उठाया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2015 में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन की 253 घटनाएं हुई। यह घटनाएं 2014 में 430 और 2013 में 148 थीं।

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