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ओवैसी की गिरफ्तारी के बाद आदिलाबाद में हिंसा

Wed, 09 Jan 2013 01:19 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 09 Jan 2013 01:19 PM IST
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owaisi sent to judicial custody in case of inflammatory speech

मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआइएम) विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। खबर है आवैसी की गिरफ्तारी के बाद आदिलाबाद में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं।

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प्रदर्शनकारियों ने दो टीवी चैनलों की ओवी वैन पर पथराव किया है। गौरतलब है कि भड़काऊ भाषण देने के मामले में ओवैसी को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था।

उन्हें आज सुबह साढ़े पांच बजे आदिलाबाद जिले की निर्मल टाऊन कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने पुलिस से ओवैसी को आज साढ़े 10 बजे अदालत में पेश करने के लिए भी कहा। ओवैसी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में कई मामले दर्ज किए गए हैं।
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गौरतलब है कि मंगलवार को दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद ओवैसी को गिरफ्तार कर लिया गया। लंदन से सोमवार को भारत लौटे ओवैसी ने अपनी तबीयत खराब होने का दावा करते हुए पुलिस से चार दिन का वक्त मांगा था। लेकिन पुलिस ने सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा में आदिलाबाद जिले के निर्मल टाऊन ले गई। यह शहर हैदराबाद से 200 किमी दूर है। रास्ते में भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए हैदराबाद समेत कई शहरों में सुरक्षा चाकचौबंद की गई है।

ओवैसी आंध्र प्रदेश विधानसभा में एमआईएम के विधायक दल के नेता हैं। उन्हें निर्मल की अदालत में पेश किया जा सकता है। ओवैसी पर चारमीनार इलाके में स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर के विवाद को लेकर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है।

इसे लेकर उनके खिलाफ निर्मल के अलावा हैदराबाद और अन्य जगहों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उन पर उस्मानिया यूनवर्सिटी पुलिस ने भी मामला दर्ज किया है।

सोमवार को हैदराबाद लौटे ओवैसी ने पुलिस से चार दिन का वक्त मांगा था। उनका कहना था कि शरीर में दर्द है। लेकिन सोमवार शाम उनके बंजारा हिल्स स्थित आवास पर पहुंची पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए फिट पाया। दर्द की शिकायत पर मंगलवार सुबह उनकी गांधी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य जांच कराई गई।

जांच रिपोर्ट आते ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते उनके समर्थक बड़ी संख्या में हॉस्पिटल के बाहर जमा हो गए, उन्हें संभालने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। मालूम हो कि भाजपा और अन्य संगठन ओवैसी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उन्होंने सरकार पर जानबूझ कर मामले में हीलाहवाली करने का आरोप भी लगाया था।

ओवैशी ने उगला था जहर
आरोप है कि ओवैसी ने गत 24 दिसंबर को आदिलाबाद में एक सभा में खुलेआम मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ उकसाया था। भाषण में उन्होंने मंदिरों और प्रतीकों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी की तुलना कसाब से की थी।

कौन हैं ओवैसी

अकबरुद्दीन ओवैसी (42) चंद्रायनगट्टा इलाके से विधायक हैं।
उन्होंने लंदन से वकालत की पढ़ाई की है।
उन्हें हैदराबाद ओल्ड सिटी का बाहुबली माना जाता है, जहां की 40 फीसदी आबादी मुसलमानों की है।
तस्लीमा नसरीन को जान से मारने की धमकी देने पर पहली बार ओवैसी का नाम सुर्खियों में आया।
सलमान रुश्दी के खिलाफ भी वह फतवा जारी कर चुके हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि
हैदराबाद में ओल्ड सिटी में करीब 40 साल से भी ज्यादा से ओवैसी परिवार का राजनीतिक दबदबा बना हुआ है। सलाउद्दीन ओवैसी द्वारा शुरू की गई मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन पार्टी ने हैदराबाद ओल्ड सिटी को अपना गढ़ बनाया।


सलाउद्दीन ओवैसी की राजनीतिक विरासत को उनके दोनों बेटे असदउद्दीन और अकबरुद्दीन ओवैसी संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि हैदराबाद के पुराने शहर से एमआईएम हमेशा कम से कम सात मुस्लिम विधायकों को विधानसभा भेजती रही है, लेकिन सांसद सिर्फ ओवैसी परिवार के होते हैं।

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