'मुस्लिमों के भेजे में जहर भर रहे हैं ओवैसी बंधु'
शिवसेना ने एमआईएम के ओवैसी बंधुओं पर आरोप लगाया है कि वे मुस्लिमों के भेजे में जहर भर रहे हैं। पार्टी ने अपने मुखपत्र में दोनों भाइयों पर हमला बोलते हुए कहा है कि इनकी बांद्रा विधानसभा उप चुनाव की तरह ही संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नवी मुंबई नगर निगम के चुनावों में करारी हार होगी।
पार्टी के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि ओवैसी बंधुओं ने हाल ही में फतवा जारी कर कहा है कि नगर निकाय चुनाव में फगवा झंडा हटाकर हरा झंडा फहरा दें। शिवसेना ने कहा कि इन लोगों से और क्या उम्मीद की जा सकती है, दरअसल, ये लोग मुस्लिमों के जेहन में पाकिस्तानी हरा रंग भर रहे हैं।
मुखपत्र में इनके लिए दानव जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गया है। पार्टी ने कहा कि ओवैसी बंधु को यह नहीं भूलना चाहिए कि हाल ही में बांद्रा उपचुनाव में शिवसेना ने करारी मात दी है। इसी तरह नगर निगम चुनावों में भी देंगे।
हालांकि इससे पहले ओवैसी बंधुओं के खिलाफ सामना में कई लेख प्रकाशित किए जा चुके हैं।
'मुस्लिमों से वोट का अधिकार छीन लेना चाहिए'
शिवसेना का ओवैसी भाइयों पर लगाए आरोपों से पहले भी सामना में इस तरह के लेख प्रकाशित किए जा चुके हैं। कुछ महीने पूर्व हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में ओवैसी की पार्टी ने दो सीटों पर विजय हासिल की थी जिसे लेकर उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा था कि जो ताकतें हिंदुओं के लिए खतरनाक हैं वो हाल विधानसभा चुनावों में अपना सिर उठाया है।
12 अप्रैल के अंक में सामना ने लिखा था 'सावधान! बिल में संपोले हैं!!' इसके साथ ही सामना शिवसेना प्रमुख के उस बयान को सही बताया है जिसमें कहा गया था कि मुसलमानों से मतदान का अधिकार छीन लेना चाहिए। सामना की इस खबर शिवसेना के सांसद संजय रावत ने सही ठहराया है।
शिवसेना सांसद संजय रावत ने कहा था कि आजादी के बाद से ही मुस्लिम मतदाताओं का उपयोग सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए किया गया है इसलिए मुस्लिमों को मताधिकार से वंचित कर देना चाहिए।