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उत्तराखंड त्रासदी में हुईं छह हजार से ज्यादा मौतें

Wed, 07 Aug 2013 12:03 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 07 Aug 2013 12:03 AM IST
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over 6000 feared killed in uttarakhand floods says antony

जल प्रलय से हुई तबाही के डेढ़ माह बीतने के बाद भी उत्तराखंड सरकार ने भले ही आपदा से हुई मौतों के आंकड़ों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। लेकिन केंद्र सरकार ने मंगलवार को माना कि इस आपदा में मरने वालों की तादाद 6,000 को पार कर सकती है।

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लोकसभा में रक्षामंत्री ए के एंटनी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में गत जून महीने में भारी वर्षा, बादल फटने और बाढ़ के कारण हुई तबाही इतनी भयावह थी कि इसमें 580 से अधिक लोगों की जानें चली गई। इसके अतिरिक्त अभी तक लापता 5,474 लोगों के भी मारे जाने की आशंका है।
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एंटनी ने आपदा को भीषण बताते हुए कहा कि सड़कों के व्यापक रूप से नष्ट होने, कठिन भूभाग और अत्यधिक प्रतिकूल मौसम के बावजूद सेना और अर्धसैनिक बल के जवान अल्प समय में ही 1.10 लाख लोगों को यहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में कामयाब रहे।
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उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों का ब्यौरा देते हुए कहा कि सेना, वायु सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सीमा सड़क संगठन, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं सहित विभिन्न मंत्रालयों के साथ राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से लोगों को तत्काल मदद मुहैया कराई गयी।

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का प्रधानमंत्री ने 19 जून को दौरा कर राज्य सरकार को एक हजार करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की। साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि तत्काल जारी कर दी। बाद में आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय दल ने उत्तराखंड का दौरा किया।


संकट के आकार को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने शीघ्र पुनर्निर्माण और पुनर्वास के बारे में व्यापक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय समिति गठित की है। साथ ही एक समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के लिए एक अंतर मंत्रालय समूह का भी गठन किया है।

भविष्य में इस तरह के संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को सक्षम बनाने में भी केंद्र हर संभव मदद करेगा।

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