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राम सिंह के साथ जेल में कैदी करते थे 'कुकर्म'

Tue, 12 Mar 2013 08:36 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 12 Mar 2013 08:36 AM IST
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other prisoners do sexual abuse with ramsingh

वसंत विहार गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह की खुदकुशी पर उसके परिजनों का कहना है कि वह खुदकुशी नहीं कर सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि राम सिंह की हत्या की गई है।

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परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि राम सिंह के साथ जेल में दूसरे कैदी उसके साथ गलत काम करते थे। यह बात राम सिंह ने कई बार बताई थी।
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राम सिंह के पिता मांगेलाल का कहना है कि उसका बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता। एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है और शव को पंखे से लटका दिया गया। उसके बाद मौके से सबूत मिटा दिए गए।
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मांगेलाल का कहना है कि बेटे के पास जींस, कुर्ता और एक स्वेटर था। इन कपड़ों से फांसी नहीं लगाई जा सकती। इसके अलावा 2009 में राम सिंह का एक्सीडेंट हुआ था। इसमें उसका दाहिना हाथ खराब हो गया था, जबकि बाएं हाथ में रॉड पड़ी हुई थी। ऐसे में वह फांसी कैसे लगा सकता है।

मांगेलाल ने बताया कि कुछ दिन पहले ही वह राम सिंह से मिला था। बेटे ने उससे जेल की सेल (जिसमें वह बंद था) बदलवाने के लिए कहा था, क्योंकि वहां उस पर ब्लेड से हमला किया जाता था। उसके शरीर पर ब्लेड मारने के निशान भी थे।

सीबीआई जांच करे
राम सिंह के पिता ने कहा कि उसका बेटा अपने किए पर शर्मिंदा था और उसने पहले ही अपराध कबूल कर लिया था। राम सिंह ने कहा था कि उसे फांसी पर चढ़ा दो, ऐसे में वह खुदकुशी नहीं कर सकता। पिता ने कहा कि बेटे की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। इन सवालों के जवाब तभी सामने आएंगे, जब सीबीआई मामले की जांच करेगी।

सिपाही सूचना देने आया था
मांगेलाल ने बताया कि मौत की सूचना देने के लिए दिल्ली पुलिस का सिपाही आया था। कुछ देर बाद उनके वकील का भी फोन आ गया था। टीवी देखने पर खबर पूरी तरह पता लग गई।


बंद ही रहती थी राम सिंह की झुग्गी
राम सिंह की झुग्गी के बगल वाली झुग्गी में रहने वाली एक महिला ने बताया कि गिरफ्तार होने के बाद राम सिंह की झुग्गी ज्यादातर बंद रहती थी। उसके माता-पिता कभी-कभार आते थे और एक-दो दिन रहकर चले जाते थे।

रविवार रात को माता-पिता आए थे और रामसिंह की मौत के बाद चले गए। राम सिंह के चचेरे भाई सूरज ने बताया कि माता-पिता रोते हुए यहां से गए थे।

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