{"_id":"18b268e8-c323-11e2-a4b2-d4ae52bc57c2","slug":"osama-bin-laden-death-photos-will-not-be-released","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं देख पाएगी दुनिया, ओसामा की आखिरी फोटो","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
नहीं देख पाएगी दुनिया, ओसामा की आखिरी फोटो
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 23 May 2013 02:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया सबसे खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन की आखिरी तस्वीरों को नहीं देख पाएगी।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ज्यूडिशियल वाच की ओर से लादेन की मौत की तस्वीरों, वीडियो और दस्तावेजों को जारी करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने अमेरिकी सरकार के इस दावे को सही ठहराया कि ओसामा की तस्वीरें गोपनीय है। उन्हें इसलिए सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे अमेरिका को संकट पैदा हो सकता है।
सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एक न्यायिक इकाई ज्यूडिशियल वाच ने एक याचिका दायर कर ओबामा की मौत से संबंधित फोटो और दस्तावेज जारी करने की मांग की थी।
ज्यूडिशियल वाच के अध्यक्ष टॉम फिटन के अनुसार वे अभी इस संबंध में बात कर रहे है कि उन्हें आगे क्या करना है। हालांकि उनका कहना है कि वे इस मामले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ले जा सकते हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर अमेरिकी सरकार की ओर से अभी तक मामले पर कोई बयान नहीं आया है।
मालूम हो कि अमेरिकी सील कमांडो ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा के ठिकाने का पता लगने के बाद 2 मई, 2011 को चलाए गए ऑपरेशन में उन्हें मार डाला था।
विज्ञापन
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ज्यूडिशियल वाच की ओर से लादेन की मौत की तस्वीरों, वीडियो और दस्तावेजों को जारी करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने अमेरिकी सरकार के इस दावे को सही ठहराया कि ओसामा की तस्वीरें गोपनीय है। उन्हें इसलिए सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे अमेरिका को संकट पैदा हो सकता है।
सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम के तहत एक न्यायिक इकाई ज्यूडिशियल वाच ने एक याचिका दायर कर ओबामा की मौत से संबंधित फोटो और दस्तावेज जारी करने की मांग की थी।
विज्ञापन
ज्यूडिशियल वाच के अध्यक्ष टॉम फिटन के अनुसार वे अभी इस संबंध में बात कर रहे है कि उन्हें आगे क्या करना है। हालांकि उनका कहना है कि वे इस मामले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ले जा सकते हैं।
विज्ञापन
दूसरी ओर अमेरिकी सरकार की ओर से अभी तक मामले पर कोई बयान नहीं आया है।
मालूम हो कि अमेरिकी सील कमांडो ने पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा के ठिकाने का पता लगने के बाद 2 मई, 2011 को चलाए गए ऑपरेशन में उन्हें मार डाला था।