OROP: पूर्व सैनिकों ने की मेडल जलाने की कोशिश
पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) की सौगात की घोषणा करने के बाद कुछ सैनिकों ने बुधवार को जंतर मंतर अपने मेडल जलाने की कोशिश की। हालांकि, उनके अन्य साथियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया। उनका कहना है कि सरकार ने जो ओआरओपी की घोषणा की है उसमें कई खामियां है।
इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे रिटायर्ड मेजर जनरल सतबीर सिंह ने सैनिकों के मेडल जलाने की घटना से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं आई है जिसमें पूर्व सैनिकों ने अपने मेडल जलाए हों और भविष्य में भी हमारी ऐसी कोई योजना नहीं है।
बहस के खुली चुनौती
सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई कि वो सैनिकों की मांग को पूरा करें और उनकों भरोसा दिलाएं। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर पर हमला करते हुए पूर्व सैनिकों ने कहा कि उन्होंने ओआरओपी को लेकर जो वादे किए थे उसे पूरा नहीं किया। इससे एक दिन पहले पूर्व सैनिकों ने गुहार लगाई थी की देश को गुमराह करना बंद किया जाए।
इतना ही नहीं पूर्व सैनिकों ने सरकार को खुली बहस के लिए भी चुनौती दी थी। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही कुछ पूर्व सैनिकों ने अपने मेडल वापस किए थे, जिसके बाद यह आंदोलन थोड़ा और उग्र हो गया। सैनिकों के इस आंदोलन की वजह से सरकार का उन्हें दिया गया दिवाली का तोहफा (ओआरओपी) फिका ही रह गया।