छह हफ्ते में तीन सूचना आयुक्त को नियुक्त करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को छह हफ्ते के भीतर केंद्रीय सूचना आयोग(सीआईसी) में तीन सूचना आयुक्त को नियुक्त करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति जेएस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से अदालती आदेश का पालन करना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने पीठ को बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट केआदेश का पालन कुछ हद तक ही संभव होगा।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने छह नवंबर को केंद्र सरकार को छह महीने के भीतर तीन सूचना आयुक्तों को नियुक्त करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट केइस आदेश को कार्मिक विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सीआईसी में मुख्य सूचना आयुक्त और 10 सूचना आयुक्त होते हैं। मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति में हो रही देरी पर गत 16 दिसंबर को शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया था। पीठ ने सरकार से कहा कि आप क्या कर रहें हैं? पद रिक्त हैं और आप भर्ती नहीं कर रहे हैं। अगर एक महीने में पद को नहीं भरा गया तो और पद रिक्त होंगे।
लेकिन अब भी नियुक्तियां नहीं हुईं
पीठ ने कहा कि अदालत वर्ष 2014 से पदों को भरने के लिए कह रही है और लेकिन
अब भी नियुक्तियां नहीं हुईं। पीठ ने कहा था कि या तो केंद्र सरकार खुद
उनकी नियुक्ति करें या वे दस्तावेज पेश करें जिससे यह प्रमाणित हो कि कई भी
इन पदों के लिए योग्य नहीं है।
सरकार को इन दो विकल्पों पर अपना पक्ष रखने
के लिए कहा गया है। उस पर सरकार ने कहा था कि उन्हें पद केयोग्य व्यक्ति
नहीं मिल रहा है। हालांकि इसकेदो दिन बाद सरकार ने आरके माथुर को मुख्य
सूचना आयुक्त नियुक्त कर दिया था लेकिन तीन सूचना आयुक्त के पद अब भी खाली
पड़े हैं।
मालूम हो कि करीब एक वर्ष से तीन सूचना आयुक्तों के पद रिक्त
हैं। सीआई चयन समिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री अरूण
जेटली और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मलिकार्जुन खड़गे हैं। फिलहाल सीआईसी
में 33 हजार शिकायतें और अपील लंबित है।