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हंगामा करने वालों की सूची पर राज्य सभा में हंगामा

Fri, 09 Aug 2013 12:12 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 09 Aug 2013 12:12 AM IST
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oppostion forces chair to reconsider decision on naming members

मानसून सत्र के हंगामेदार दिनों के लिए राज्यसभा सचिवालय ने भारतीय जनता पार्टी के सर्वाधिक सांसदों को जिम्मेदार ठहराया है।

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राज्यसभा की कार्यवाही बाधित करने वालों की एक सूची अपने बुलेटिन में जारी कर बृहस्पतिवार को राज्यसभा सचिवालय ने भाजपा सांसदों को आगबबूला कर दिया।

जारी की गई सूची में भाजपा के 20 और टीडीपी के दो सांसदों को शामिल किया गया है। सूची सामने आते ही दोनों ही दलों के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए सदन का बहिष्कार किया।
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हालांकि इसके बाद राज्यसभा सचिवालय ने अपने कदम पीछे खींचते हुए इस सूची को वापस ले लिया।

भाजपा और राज्यसभा सचिवालय के समझौते के बाद यह सूची वापस ली गई। इस बुलेटिन में स्मृति ईरानी, माया सिंह, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, तरुण विजय समेत 20 भाजपा के सांसदों का नाम छापकर यह आरोप लगाया गया है कि इनके हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही नहीं चल पा रही है।
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इन सांसदों ने आसन के समीप आकर भी हंगामा किया है। हालांकि सूची में शामिल कई सांसदों ने कहा कि वे आसन के समीप नहीं गए हैं।

सुबह की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू समेत अन्य सदस्यों ने इस संदर्भ में अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

अरुण जेटली ने इस सूची को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के मंत्री और सांसद भी आपस में भिड़े थे। लेकिन सरकार के उन मंत्रियों का इसमें शामिल नहीं है।

दूसरी ओर स्मृति ईरानी ने कहा कि पाकिस्तान मुर्दाबाद कहने पर हंगामा खड़ा करने वाले सांसदों की सूची में उनका नाम रखा गया है।

ये है बुलेटिन
निम्न सदस्यों द्वारा राज्यसभा के नियमों और शिष्टाचार का उल्लंघन करने का अनुचित आचरण करते हुए आसन के करीब आए।

इन्होंने लगातार और जानबूझकर कार्यवाही बाधित की। जिस कारण सभापति को सभा स्थगित करनी पड़ी। दोपहर की कार्यवाही शुरू होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि इस मसले पर सदन की भावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा।


उनके साथ यह विचार विमर्श भी किया जाएगा कि भविष्य में क्या अभ्यास अमल में लाया जाए। इस पर उपसभापति पीजे कुरियन ने कहा कि संसद में सरकार के प्रतिनिधियों के साथ प्रतिपक्ष का होना भी जरूरी होता है। यह लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए बेहद जरूरी है।

हंगामा करने वाले सांसदों के नाम
भाजपा: जेपी नड्डा, पुरुषोत्तम रुपाला, अविनाश राय खन्ना, स्मृति ईरानी, धमेंद्र प्रधान, वाईपी बदनौर, ओमप्रकाश माथुर, भरत सिंह परमार, भूपेंद्र यादव, नातूजी ठाकोर, दिलीपभाई पंड्या, भूषणलाल जांगडे़, प्रभाकर कोरे, तरुण विजय, फग्गन सिंह कुलस्ते, रंगासाई रामकृष्ण, नंद कुमार साय, माया सिंह, मनसुख मांडविया, शंकरभाई वेगात।

टीडीपी सांसद- वाईएस चौधरी, सीएम रमेश।

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