सीएम ममता बनर्जी पर लगा तापस को बचाने का आरोप
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तृणमूल कांग्रेस सांसद तापस पाल ने सीपीएम की महिलाओं के साथ बलात्कार करवाने के अपने विवादास्पद बयान के लिए भले ही लिखित में माफी मांग ली हो, लेकिन विपक्ष उनकी गिरफ्तारी पर अड़ा हुआ है।
विपक्ष ने तृणमूल प्रमुख और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तापस को बचाने का आरोप लगाया है।
इस बीच, तापस का एक नया वीडियो सामने आने के बाद उन्हें लेकर विवाद और तेज हो गया है।
एक और वीडियो ने बढ़ाई मुश्किल
14 जून के इस ताजा वीडियो में सांसद तापस पाल नदिया जिले के ही एक गांव में कहते नजर आ रहे हैं, "किसी व्यक्ति की हत्या करने वाला इंसान नहीं हो सकता। अगर सीपीएम का कोई आदमी आपके घर में घुसता है तो पहंसुल या सब्जी काटने वाले चाकू से उसका गला काट दें....मैं देख लूंगा। जब तक मैं आपके साथ हूं, सीपीएम के किसी आदमी को मत छोड़ें।"
इस नए वीडियो ने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की परेशानी को और बढ़ा दिया है। बावजूद इसके पार्टी तापस पाल के लिखित माफीनामे से ही संतुष्ट नजर आ रही है।
ममता बनर्जी ने पत्रकारों द्वारा इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, "क्या मैं (इस बयान के लिए) तापस की हत्या कर दूं। आप लोग आखिर चाहते क्या हैं?"
ममता ने की तापस के बयान की निंदा
तापस के बयान की निंदा करते हुए ममता ने कहा, "पार्टी अपनी नीतियों के तहत पाल के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।"
ममता ने इस मुद्दे को तूल देने के लिए मीडिया को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा, "सीपीएम और कांग्रेस समेत दूसरे दलों ने अतीत में जब मेरे बारे में ऐसी कई बातें कहीं तब तो मीडिया ने उनका इस तरह विरोध नहीं किया था।"
वहीं दूसरी ओर, तापस पाल के विवादास्पद वीडियो को मीडिया तक पहुंचाने वाले तृणमूल कांग्रेस के एक युवा कार्यकर्ता को अब अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
महिला संगठनों ने किया प्रदर्शन
वह कार्यकर्ता 14 जून को नदिया जिले के चौमुहा गांव की उस सभा में मौजूद था। जहां तापस ने यह विवादास्पद बयान दिया था। बाद में उस युवक ने मोबाइल से तैयार वीडियो को स्थानीय बांग्ला चैनल 24 घंटा को सौंप दिया था।
तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, अब पार्टी भी उस वीडियो को तैयार करने वाले अपने कार्यकर्ता को तलाश कर रही है ताकि पार्टी को बदनाम करने के जुर्म में उसे सजा दी जा सके।
इस बीच, विपक्षी राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक और महिला संगठनों ने तापस पाल की गिरफ्तारी के लिए दबाव बढ़ा दिया है। इस मांग को लेकर बुधवार को भी विभिन्न संगठनों ने यहां प्रदर्शन किया और तृणमूल सांसद के पुतले जलाए।
विपक्ष तापस की गिरफ्तारी पर अड़ा
सिंह ने कहा, "तापस पाल के विवादास्पद बयानों के दो-दो वीडियो सामने आने के बावजूद पार्टी और सरकार उनको बचाने का प्रयास कर रही है। सरकार को उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहिए।" सीपीएम और कांग्रेस ने भी तापस पाल की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका
तृणमूल सांसद तापस पाल के भड़काऊ बयानों के मुद्दे पर उनके खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में बुधवार को एक जनहित याचिका दायर की गई।
यह याचिका समित सान्याल नामक एक वकील ने दायर की है।
उन्होंने इस याचिका में भड़काऊ बयानों के लिए राज्य सरकार को तापस पाल के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की अपील की है।
तापस के साथ है तृणमूल कांग्रेस
सांसद तापस पाल के भड़काऊ बयानों पर बढ़ते विवाद के बीच बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने परोक्ष तौर पर तापस का ही समर्थन किया।
लोकसभा के बजट सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति तय करने के लिए बुधवार को ममता ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई थी।
बैठक में पाल के बयानों का मुद्दा उठने पर ममता ने इस साजिश के लिए मीडिया के एक गुट को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने तापस के बगल में खड़े होकर कहा कि राज्य में 50 हजार से एक लाख रुपये तक में खबरें बिक रही हैं।
उनका ऐसा कहने का मकसद उस वीडियो से था, जिसमें तापस के भड़काऊ बयानों की रिकार्डिंग थी। उन्होंने कहा, "मोबाइल से बनाए गए ऐसे वीडियो फुटेज भी एक लाख रुपये तक में बिकते हैं।" ममता ने अपने सांसदों को सलाह दी कि वे आगे से कुछ भी बोलते समय सावधानी बरतें।