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बजट सत्र के दूसरे फेज में नए तेवर में दिखेगा विपक्ष

Wed, 15 Apr 2015 02:12 AM IST
Updated Wed, 15 Apr 2015 02:12 AM IST
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Opposition special plan for Budget session next round.

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मोदी सरकार का सामना नए और आक्रामक विपक्ष से होगा। विपक्ष के नए तेवर और नए स्वरूप से संसद का नजारा बदला-बदला सा होगा।

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6 विभिन्न राजनीतिक दल सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में एक हो चुके होंगे तो माकपा भी अपने नए नेतृत्व में नजर आएगी। 20 अप्रैल से पहले ‘घर वापसी’ कर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी सरकार को पार्टी के नए तेवर से परिचित कराएंगे।
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विपक्ष के साथ ही मोदी सरकार ने भी भूमि अधिग्रहण अध्यादेश समेत तमाम मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने की घोषणा की है। सरकार खासकर भाजपा अध्यादेश के समर्थन में देशव्यापी आक्रामक अभियान की शुरुआत भी कर चुकी है। बजट सत्र का दूसरा चरण 20 अप्रैल से शुरू हो रहा है।

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एक हो चुका होगा जनता परिवार

Opposition special plan for Budget session next round.

बजट सत्र का दूसरा चरण विपक्ष के बदले रूप और बदले तेवरों का गवाह बनेगा। दरअसल, सत्र शुरू होने से पहले 6 पार्टियों में बंटा जनता परिवार समाजवादी जनता दल बन चुका होगा।

इस कारण लोकसभा में कम संख्या के कारण अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाने वाले जनता परिवार के 15 सदस्य अब मुलायम के नेतृत्व में सरकार पर एकजुट हमला बोलेंगे। विलय के बाद राज्यसभा में भी जनता परिवार के 30 सदस्य शरद यादव के नेतृत्व में सरकार के लिए परेशानी का कारण बनेंगे।

लोकसभा में नई पार्टी का नेता मुलायम सिंह को बनाया जाना तय है, वहीं उच्च सदन में पार्टी के संसदीय दल की कमान शरद यादव को दी जा सकती है। जनता परिवार में विलय के अतिरिक्त संसद में माकपा भी बदली बदली सी नजर आएगी।

माकपा को भी मिल चुका होगा नया नेतृत्व

Opposition special plan for Budget session next round.

माकपा की विशाखापट्टनम में हो रही पार्टी कांग्रेस 19 अप्रैल को प्रकाश करात की जगह अपना नया नेतृत्व चुनेगी। माना जा रहा है कि पार्टी की कमान सीताराम येचुरी के हाथों में होगी।

खास बात यह है कि सत्र का दूसरा चरण शुरू होने से पहले राहुल की वापसी तय होने के कारण कांग्रेस बीते डेढ़ माह की सियासी असमंजस से बाहर निकल चुकी होगी।

माना जा रहा है कि तब तक पार्टी नेतृत्व संसद में रणनीति बनाने की कमान परोक्ष रूप से राहुल को सौंप चुकी होगी। ऐसे में संसद में कांग्रेस नई रणनीति और नई आक्रामकता के साथ मैदान में होगी।

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