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मसर्रत की रिहाई से पीएम मोदी ने झाड़ा पल्ला

Mon, 09 Mar 2015 04:08 PM IST
Updated Mon, 09 Mar 2015 04:08 PM IST
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Opposition raise Masarat issue in parliament.

अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई को लेकर संसद में जमकर हंगामे के बाद सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह सामने आए। उन्होंने गतिरोध टालने और विपक्ष को मनाने की कोशिश की।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस मुद्दे पर दलगत राजनीति नहीं होनी चाहिए। ऐसी किसी भी हरकत पर सरकार साथ नहीं देगी।

मोदी ने कहा कि विपक्ष को इस मुद्दे पर आलोचना का हक है। मुफ्ती सरकार की इस गतिविधि पर भारत सरकार को जानकारी नहीं है।

प्रधानमंत्री यहीं नहीं रूके उन्होंने आगे कहा कि पूरे मामले पर संविधान की मर्यादा में कदम उठाए जाएंगे। भारत सरकार ऐसी कोई हरकत स्वीकार नहीं करेगी, जो देश के खिलाफ हो।
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इस दौरान मोदी थोड़े गुस्से में भी दिखाई दिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कृपा करके हमें देशभक्ति नहीं सिखाएं। अलगाववादी ताकतों और उसका समर्थन करने वालों का हम विरोध करते हैं। कई मुद्दों पर हमने राज्य सरकार से सफाई मांगी है।
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हालांकि विपक्ष का हंगामा इसके बाद भी थमता दिखाई नहीं दिया। उन्होंने राज्य सरकार से समर्थन वापसी की मांग की। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस पर कुछ नहीं कहा गया।

लोकसभा में राजनाथ रखा सरकार का पक्ष

Opposition raise Masarat issue in parliament.

मसरत मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी से पहले केंद्रीय राजनाथ सिंह सामने आए। उन्होंने पूरे मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि अलगाववादी नेता के रिहाई की हमें जानकारी नहीं थी। जैसे ही हमें ये जानकारी मिली मैंने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी। उनकी रिपोर्ट हमें मिल गई है।

राजनाथ ने बताया कि हमारी सरकार आम लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह से समझौता नहीं करेगी। हम राजनीति करते हैं तो देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं।

इसके बाद गृहमंत्री ने राज्य सरकार की रिपोर्ट को सदन में रखा। उन्होंने बताया कि मसर्रत आलम पर साल 2010 में कश्मीर में हंगामा करवाने और शांति भंग के आरोप लगे थे। उस पर करीब 27 क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें हत्या की साजिश रचने समेत कई मामले शामिल हैं। फरवरी 2010 में इसे पब्लिक सेफ्टी एक्ट में पकड़ा गया। तब से अब तक 8 बार इसे पकड़ा गया। इस एक्ट में दो साल तक हिरासत में रख सकते हैं।

फिलहाल केंद्र इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है और जरूर हुआ तो राज्य सरकार की रिपोर्ट के बाद अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार एडवाइजरी भी जारी कर सकती है।

संसद में जमकर हुआ हंगामा

Opposition raise Masarat issue in parliament.

इससे पहले सोमवार को लोकसभा की कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने प्रश्नकाल स्थगित कर इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए।

हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले 11.30 बजे तक के लिए स्थगित हुई। इसके बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई फिर हंगामा होने लगा। लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी इस पर हंगामा हुआ।

राज्यसभा में भी मसर्रत की रिहाई का मुद्दा उठने पर केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली सामने आए। उन्होंने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए आश्वस्त किया कि मोदी सरकार देश की रक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।

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