विपक्ष की बहानेबाजी के चलते फंस गया ये बिल!
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बीमा विधेयक को लटकाने के मकसद से विपक्षी सांसदों ने प्रवर समिति की बैठकों में बहानेबाजी शुरू कर दी है। वे शादी समारोहों के अलावा क्षेत्र में व्यस्तता का हवाला दे रहे हैं।
दरअसल 15 सदस्यीय प्रवर समिति में छह सांसद ऐसे हैं, जो किसी भी सूरत में विधेयक को अटकाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि विधेयक शीत सत्र में पारित न हो। उधर, सरकार इस विधेयक को इसी सत्र में पारित कराने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में सरकार को संसद से पहले समिति की बैठकों में विपक्षी दलों के सदस्यों से उलझना पड़ रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद का कहना है कि पिछले सत्र में बीमा विधेयक की राह रोक कर उनकी पार्टी ने पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा का जायका बिगाड़ा था। अब उनकी पार्टी ओबामा की भारत यात्रा का भी जायका बिगाड़ेगी। इसीलिए विपक्षी दलों के सदस्यों ने प्रवर समिति की बैठकों में बहानेबाजी शुरू कर दी है।
सरकार चाहती पारित हो बीमा बिल
समिति के अध्यक्ष चंदन मित्रा ने विपक्षी दलों के सदस्यों की बहानेबाजी की जानकारी वित्त मंत्री अरुण जेटली को दे दी है। जेटली सबसे अधिक बसपा सांसद सतीश मिश्र की बहानेबाजी से हैरान हैं।
एक ओर बसपा प्रमुख मायावती ने संसद के बाहर बीमा विधेयक पर समर्थन का ऐलान किया है तो दूसरी ओर प्रवर समिति की बैठक में उनके सांसद बहानेबाजी कर रहे हैं। विपक्षी सदस्यों के रुख को देखते हुए बीमा विधेयक के प्रारूप का तय समय दिसंबर 12 तक पूरा होना संभव नहीं लग रहा है।
सरकार ने मामले को तेजी से निपटाने के लिए प्रवर समिति की बैठक रोज कराना चाहती थी, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने क्षेत्र में व्यस्तता का हवाला देकर सप्ताह में सिर्फ एक बार बैठक का सुझाव दिया है। समिति के अध्यक्ष ने इसे मान लिया है।
बृहस्पतिवार को समिति की बैठक हुई थी, जिसे विपक्षी सदस्यों ने समय से पहले खत्म करने पर जोर दिया था। इसके लिए उन्होंने राज्यसभा की व्यापार सलाहकार समिति की बैठक में शामिल होने का हवाला दिया था। प्रवर समिति की अगली बैठक दो दिसंबर को होगी।