बजट सत्र में सरकार को घेरने के लिए होमवर्क में जुटा विपक्ष
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बजट सत्र के दौरान विरोधी दल केंद्र सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। पाकिस्तान के साथ संबंधों, पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हमला, हैदराबाद विश्वविद्यालय में छात्र रोहित वेमुला की खुदकुशी का मामला समेत कई मुद्दे सरकार की परेशानी बढ़ा सकते हैं। वहीं जीएसटी को लेकर सरकार चाहे जितनी आश्वस्त दिखाई दे रही हो, लेकिन इसे संसद की मंजूरी मिलना बहुत आसान नहीं है।
संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू द्वारा बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक के बाद आनंद शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि यह एक औपचारिक बैठक थी। इसमें बजट सत्र की तारीख, सत्र को एक या दो चरणों में चलाने आदि पर ही चर्चा हुई। बैठक के दौरान कोई और मुद्दा नहीं उठा।
हालांकि कांग्रेस में बजट सत्र को लेकर पार्टी के रुख पर मंथन जारी है। अभी पार्टी सत्ता पक्ष को किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं नजर आ रही है। अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन का अनुमोदन भी काफी अहम मुद्दा है।
कांग्रेस के लिए नाक की लड़ाई
केंद्र सरकार जहां इसको सदन की मंजूरी दिलाने के लिए कोशिश करेगी, वहीं
कांग्रेस के लिए यह नाक की लड़ाई होगी। जीएसटी को लेकर भी राजनीतिक रार के
पूरे आसार हैं।
आनंद शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार खुद जीएसटी को
पास कराने की इच्छुक नहीं है। पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का भी
कहना है कि केंद्र का मकसद केवल जीएसटी का नाम लेकर कांग्रेस को कोसना है।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस को जीएसटी को पारित कराने में सहयोग देने
में कोई आपत्ति नहीं है।
यह यूपीए सरकार द्वारा शुरू किया गया प्रस्ताव था।
इसलिए केंद्र सरकार यदि इसे पारित कराने की इच्छुक है तो इसको लेकर उसे
कांग्रेस पार्टी की चिंताओं पर गौर करना चाहिए।