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'पंकजा के खिलाफ सबूत दे विपक्ष, सरकार जांच करेगी'

Sat, 27 Jun 2015 08:14 PM IST
Updated Sat, 27 Jun 2015 08:14 PM IST
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 opposition give evidence against pankaja the government redy for investigation

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टेंडर के बिना 206 करोड़ रुपये का ठेका देने में फंसी महिला व बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे के खिलाफ विपक्ष से सबूत मांगे हैं। उन्होंने शुक्रवार को चुनौती देने के अंदाज में कहा कि यदि विपक्ष नियमों के उल्लंघन का सबूत लेकर सामने आता है तो सरकार मामले की जांच के लिए तैयार है।

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फडणवीस ने कांग्रेस और एनसीपी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यदि विपक्ष यह आरोप लगा रहा है कि टेंडर नहीं निकाला गया और नियमों का उल्लंघन हुआ तो उन्हें यह याद होना चाहिए कि हमारी सरकार ने अप्रैल में प्रस्ताव जारी किया था, जबकि इसके पहले ही खरीद हो गई थी।
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साथ ही, जब वे सत्ता में थे तो उन्होंने भी इसी रेट कान्ट्रैक्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया था। उन्हें भी अपनी खरीद के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। उनके दोहरे मानक सामने आ जाएंगे।’ फडणवीस ने कहा कि सरकार ने एक करोड़ रुपये से अधिक की खरीद ई-टेंडर से करने का निर्णय 17 अप्रैल 2015 को लिया था, जबकि इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (आईसीडीएस) के तहत हुई खरीदारी 2014-2015 के लिए है।
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यदि आईसीडीएस ने निर्णय नहीं लिया होता तो 31 मार्च, 2015 के पहले ग्रांट का इस्तेमाल नहीं हो पाता और यह लैप्स हो जाती। इससे लाभार्थियों पर विपरीत असर पड़ता। उन्होंने बताया कि सप्लाई एंड डिस्पोजल के महानिदेशक द्वारा निर्धारित किए गए रेट कान्ट्रैक्ट के आधार पर खरीद हुई है।

कांग्रेस की नेता को मिला 114 करोड़ का ठेका

 opposition give evidence against pankaja the government redy for investigation

कांग्रेस पंकजा मुंडे को जिस 206 करोड़ रुपये के घोटाले में घेरना चाह रही है, अब वह खुद भी उसमें फंसती नजर आ रही है। जिन एनजीओ को ठेका दिया गया है, उनमें सिंधुदुर्ग जिला कांग्रेस महिला इकाई की अध्यक्ष प्रज्ञा परब की सूर्यकांता महिला औद्योगिक सहकारी संस्था भी है।

उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों में अलग- अलग प्रकार की चिक्की की सप्लाई के लिए कुल 114 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। 55 वर्षीय प्रज्ञा दिग्गज कांग्रेसी नेता नारायण राणे की करीबी मानी जाती हैं। वह तीन बार स्थानीय निकाय की पार्षद रह चुकी हैं और 2010 में कांग्रेस में जाने से पहले तक एनसीपी में थीं।

वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत का कहना है कि प्रज्ञा को कांग्रेस-एनसीपी सरकार होने के बावजूद ठेका नहीं दिया गया था। 2013 में परब की संस्था के साथ आदिवासी विभाग को चिक्की की सप्लाई के लिए रेट कान्ट्रैक्ट हुआ था लेकिन केंद्रीय ग्राहक भंडार संगठन के आपत्ति दर्ज कराने पर गठबंधन सरकार ने ठेका देने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में करने के कारण किसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर और थाने में की है।

पंकजा ने ब्लॉग पर दी सफाई

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पंकजा मुंडे ने अपने ब्लॉग पर लिखा है कि यदि एक रुपये का घोटाला भी साबित हो जाए तो वह मंत्री पद ही नहीं, राजनीति से भी संन्यास ले लेंगी।

उन्होंने लिखा है, ‘कल तक गूगल पर सर्च करने पर मैं रोऊंगी नहीं, लड़ूंगी शब्द दिखाई देता था लेकिन अब फडणवीस सरकार के पहले घोटाले की खबर दिखाई देगी।

अब मैं किसके लिए लड़ूंगी। जिस जनता के लिए मैं लड़ना चाहती हूं, वह मेरे लिए क्या करेगी। मुझे पराजित करने में असफल रहने वाले मुझे परेशान करने के लिए यह सब कर रहे हैं।’

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