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एफडीआई पर देश को डरा रहा विपक्षः शर्मा

Fri, 07 Dec 2012 01:37 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 07 Dec 2012 01:37 PM IST
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opposition continues to haunt country on fdi says sharma

खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश के मुद्दे पर राज्यसभा में विपक्ष ने भारी हंगामा किया। सदन में बहस के दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मसले पर राजनीति कर रहा है। वह गलत संदेश देकर आम लोगों को डरा रहा है। यह कहना बिल्कुल गलत है कि एफडीआई से बेरोजगारी बढ़ेगी। सच तो यह है कि वॉलमार्ट और अन्य कंपनियों के आने से देश के नौजवानों को रोजगार मिलेगा। हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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आनंद शर्मा ने कहा, 'यह कहना कि रिटेल में एफडीआई से देश सेल्स बॉय बन जाएगा, ग्रामीण युवाओं का अपमान है। सरकार ने इस मसले पर पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत 14 राज्यों से बात की। 11 राज्यों, कई किसान संगठन और उपभोक्ता संगठन ने मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई पर अपनी सहमति दी है'।
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शुक्रवार को रिटेल में एफडीआई पर बहस के बाद वोटिंग होगी। बसपा का समर्थन और सपा द्वारा मतदान के समय सदन के वॉकआउट संबंधी फैसले से संसद के उच्च सदन में भी इस विधेयक को मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
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बसपा प्रमुख मायावती का कहना है कि वह उत्तर प्रदेश में एफडीआई के खिलाफ है और केंद्र सरकार द्वारा राज्यों पर इसे नहीं थोपने संबंधी तर्क से संतुष्ट होकर पार्टी ने राज्यसभा में उसे समर्थन देने का फैसला किया है।

हालांकि सपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सदन के बाहर उसके नेता यही कह रहे हैं कि लोकसभा की तरह वह राज्यसभा में भी ऐन मौके पर ‘वॉकआउट’ करके सरकार को ‘वॉकओवर’ दे देंगे।

ऐसे में सरकार राज्यसभा में होने वाली वोटिंग को लेकर बेफिक्र है। इस दोनों दलों का रुख साफ हो जाने से अब स्पष्ट हो चुका है कि देश में बीते कुछ महीनों से जारी रिटेल में 51 फीसदी तक एफडीआई की सियासी जंग सरकार ने जीत ली है।

हालांकि, भाजपा और अन्नाद्रमुक ने उन राजनीतिक दलों की काफी खिंचाई की जो रिटेल एफडीआई के मसले पर विरोध जताने के बावजूद यूपीए का साथ देने से कोई परहेज नहीं कर रहे हैं।

राज्यसभा में कुल वोटों की संख्या 244 है और सरकार को जीतने के लिए 123 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस गठबंधन के पास कुल मिलाकर 95 वोट हैं। अगर सात निर्दलीय और 10 मनोनीत सदस्यों का समर्थन भी सरकार मिल भी गया तो भी सरकार के पास केवल 112 का ही आंकड़ा पहुंचता है।


जबकि एनडीए गठबंधन के पास 65 वोट है। इसमें अगर एफडीआई के मुद्दे पर सरकार की आलोचना करने वाले दूसरे दलों को मिला दें तो विरोध में पड़ने वाले वोटों की संख्या 107 हो जाती है।

ऐसे में समाजवादी पार्टी (9 सदस्य) के वॉकआउट और बसपा के 15 वोट ही सदन में सरकार की नाक बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे।

ऐसे जीतेगी सरकार
- राज्यसभा में सांसदों की वर्तमान संख्या: 244
- यूपीए के सदस्य: 87
- एनडीए के सदस्य: 69
- मायावती ने साफ कहा है कि बसपा सरकार को वोट देगी
- सपा (नौ सदस्य) ने पत्ते नहीं खोले, वॉकआउट संभव
- सपा के वॉकआउट पर बहुमत होगा 118 वोटों पर
- यूपीए (87), बसपा (15), मनोनीत (9), निर्दलीय (5) और अन्य (7) मिलाकर कुल 123 सदस्य
- परिणाम : सरकार की जीत

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