गुस्साई स्पीकर बोलीं, 40 लोग 440 का हक मार रहे हैं
मानसून सत्र समाप्त होने में तीन ही दिन बचे हैं,लेकिन लगता है कांग्रेस सदन की कार्यवाही चलने देना नहीं चाहती है। दोनों सदनों में कांग्रेस सांसदों ने विरोध जारी रखा।
इस बीच कांग्रेसी सांसद विरोध करते हुए स्पीकर के वेल के पास पहुंच गए। लोकसभा में लगातार हो रहे हंगामे से आजिज, स्पीकर सुमित्रा महाजन आज गुस्से से तमतमा उठीं और हंगामा कर रहे कांग्रेसी सांसदों पर जमकर भड़ास निकाली।
खफा होकर स्पीकर ने कांग्रेस सांसदों को कहा कि आप 40 अन्य 440 सांसदों का हक मार रहे हैं। उन्होंने कहा आपको सोचना चाहिए आपके व्यवहार को दुनिया देख रही है। आप कार्यवाही को बाधित कर समय और पैसा दोनों बर्बाद कर रहे हैं।
जीएसटी बिल पर हंगामा
सरकार ने राज्यसभा में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स बिल पेश कर दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन में बिल रखा। बिल पेश करते ही सदन में जोरदार हंगामा शुरू गया।
कांग्रेस सांसद नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए। इस कारण उप सभापति ने राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी।
जेटली ने कहा कि जीएसटी का विरोध कर कांग्रेस देश का विकास रोक रही है। सुषमा तो बहाना है, दरअसल कांग्रेस जीएसटी बिल में पास नहीं होने देना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार सरकार जीएसटी बिल के लिए विशेष सत्र बुला सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुस्से में आकर कहा कि यह हंगामा कांग्रेस के लिए खतरनाक साबित होगा।
उन्होंने कहा कांग्रेस शासित कुछ राज्य इस पर सहमत नहीं है। आम राय बनने के बाद ही जीएसटी बिल पेश किया जाएगा।
पीएम के अहंकार से संसद में गतिरोध
वहीं संसद के दोनों सदनों में जारी विरोध के बीच कांग्रेस ने कहा कि वह अपनी मांग पर कायम है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि इस गतिरोध को सरकार समाप्त करना नहीं चाहती है। वह जनता को बहका रही है।
इसी कारण संसद में कार्यवाही नहीं चल पा रही है। उन्होंने संसद में जारी गतिरोध के लिए पीएम की चुप्पी को जिम्मेदार बताया है।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने बीजेपी से सवाल पूछा कि सदन में प्रधानमंत्री ने मौन वृत क्यों धारण किए हुए हैं। उन्होंने कहा जब तक पीएम नहीं बोलेंगे जीएसटी बिल को पास नहीं होने दिया जाएगा। वह मुद्दों पर सफाई दें तभी कार्य हो सकेगा।
नरेंद्र मोदी ने की सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की तारीफ
उधर पीएम नरेंद्र मोदी ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की तारीफ करते हुए कांग्रेस की आलोचना की है। उन्होंने कहा कांग्रेस सुषमा के बहाने संसद का समय बरबाद कर रही है। वह जीएसटी को पास नहीं होने देना चाहती है।
इससे पूर्व मानसून सत्र में कांग्रेस को अलग-थलग करने और विपक्षी एकता में दरार लाने में सरकार सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के जरिये आखिरकार एक हद तक कामयाब हो गई। सपा प्रमुख ने पहले लोकसभा में और फिर स्पीकर की विपक्षी दलों के साथ हुई बैठक में संसद नहीं चलने देने को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
बैठक में उन्होंने सदन चलाने पर सहमति जताते हुए यह कहकर कांग्रेस को सकते में डाल दिया कि लगातार हंगामे का कोई औचित्य नहीं है। सपा प्रमुख के इस रुख का राजद, जदयू और इनेलो ने भी समर्थन किया।
अटके कई विधेयक
उल्लेखनीय है कि सत्र में ललित गेट और व्यापम घोटाले पर हुए हंगामे और सरकार और विपक्ष के बीच पैदा हुए गतिरोध के कारण एक भी विधेयक पारित नहीं हो सका है। इन विधेयकों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), भूमि अधिग्रहण जैसे आधा दर्जन आर्थिक सुधारों से जुड़े अहम विधेयक शामिल हैं।
विपक्ष के तीखे और हमलावर रुख और तीखी असहमति के बीच सरकार ने अपने अहम बिलों की चिंता छोड़ विपक्ष पर सियासी पलटवार करने का निर्णय कर लिया है। उल्लेखनीय है कि मानसून सत्र में राज्य सभा में अब तक कोई कामकाज नहीं हो पाया है, वहीं लोकसभा में विपक्ष के 25 सांसदों के निलंबन के बाद सरकार कुछ कामकाज निपटा पाई है।
चूंकि राज्यसभा की कार्यवाही नहीं चल रही, इसलिए इस दौरान लोकसभा में पारित बिलों के भविष्य पर ग्रहण लग गया है।