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'सुर्खियां बटोरने के लिए लाहौर उतरे पीएम'

Sat, 26 Dec 2015 05:43 AM IST
Updated Sat, 26 Dec 2015 05:43 AM IST
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oppose of prime minsiter narendra modi's pak visit

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सुर्खिया बटोरने के लिए अचानक पाकिस्तान यात्रा करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के मुताबिक प्रधानमंत्री राष्ट्रीय हित नहीं बल्कि  भारत और पाकिस्तान के एक कारोबारी घराने को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसे काम कर रहे हैं। पार्टी ने मोदी सरकार को कूटनीति में गंभीरता लाने के लिए कहा है।

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साथ ही पाकिस्तान से आतंकवाद पर सीधी बात करने की नसीहत दी है और मुंबई आतंकवादी के दोषियों को भारत लाने पर पाकिस्तान आश्वासन मांगने के लिए कहा है। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुर्खियां बनाने के लिए ऐसा काम किया हैं।
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शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के यहां खाना खाने और घूमने से प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि ऐसा करने से देश उन्हें स्टेट्समैन के रूप में स्वीकार करेगा। मगर कूटनीति में गंभीरता और परिपक्वता होनी चाहिए। इसमें मजाक नहीं होना चाहिए। खबर बनाने के लिए काम नहीं किए जाते। व्यक्तिगत या व्यवासायिक हितों के लिए काम नहीं किया जाता।
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मोदी के पास कोई रूपरेखा नहीं

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शर्मा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बिजनेस हाउस और उनके निजी स्वार्थ को बढ़ावा देने के लिए पीएम ऐसी यात्रा कर रहे हैं। आजाद भारत के इतिहास में किसी पीएम ने ऐसा नहीं किया। देश जानता है कि एनडीए की पहली सरकार के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जब लाहौर गए थे तो उसके बाद कारगिल हुआ।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास कोई रूप रेखा नहीं है। प्रधानमंत्री बनने से पहले इनका पहला चुनाव अभियान पाकिस्तान को डराने धमकाने का रहा है। मोदी सरकार बनने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बनते बिगड़ते रिश्तों के घटनाक्रम को याद दिलाते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि कभी बातचीत करते हैं। कभी बंद करते हैं।

शपथ समारोह में बुलाते हैं और तीन महीने बाद विदेश सचिव की बातचीत बंद करते हैं। उफा में बातचीत करते है और दूसरी तरफ पाकिस्तान बातचीत को लेकर भारत के ब्योरे को ही खारिज कर देता है। उधमपुर, गुरदासपुर में आतंकवादी हमलों से तनाव बढ़ा। सैनिक और नागरिक मारे गए।

उसके बाद एनएसए वार्ता बंद की। शर्मा ने कहा कि दोनों देश के प्रधानमंत्री एक दूसरेको जन्मदिन की बधाई देने के लिए बिना बताए खबर दिए उतर जाते हैं। समाज में किसी के यहां टेलीफोन करके जाते है। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि पहले बैठक गुप्त रूप से किस उद्योगपति के होटल के कमरे में हुई थी।

एक व्यवासयिक घराने की पहल पर भी पहले बैठक हो चुकी है। शर्मा ने आरोप लगाया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मालूम भी नहीं कि क्या हो रहा। हम उनके बयान को मानने के लिए तैयार नहीं।

वहीं कुलकर्णी ने बताया साहसिक कदम

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ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के चेयरमैन सुधींद्र कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा का स्वागत किया है। कुलकर्णी के अनुसार भारत-पाक के  बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए अचानक लाहौर जाकर पीएम ने एक साहसिक कदम उठाया है।
कुलकर्णी के मुताबिक मोदी-शरीफ मुलाकात बहुत बड़ी चीज है।

दोनों नेता भारत-पाकिस्तान संबंधों को सुधारने के लिए बड़े कदम उठा रहे हैं। यह जरूरी है कि दोनों देशों के लोग इस प्रयास का स्वागत करें। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी की कविता 'हम जंग न होने देंगे को उद्धृत करते हुए कहा कि अपने जन्मदिन पर मोदी के पाकिस्तान जाने से अटलजी बहुत खुश होंगे।

आज मोहम्मद अली जिन्ना का भी जन्म दिन है। जिन्ना चाहते थे कि दोनों देश शांति से रहें। कुलकर्णी इससे पहले अक्तूबर में तब चर्चा में आए थे, जब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी के कार्यक्रम का आयोजन करने के कारण शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उनके चेहरे पर स्याही फेंक दी थी।

वहीं पाकिस्तान अखबार डॉन समूह के चीफ एक्जीक्यूटिव हामिद हरून इस समय मुंबई में हैं। उन्होंने कहा है कि मोदी का पाकिस्तान जाना दर्शाता है कि वह दोनों पड़ोसियों के बीच अच्छे रिश्ते चाहते हैं।

शिवसेना-विहिप ने खड़े किये सवाल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक पाकिस्तान पहुंचने को लेकर शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद ने सवाल किया है कि क्या इससे पाकिस्तान अपनी धरती से पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करेगा। उन्होंने पूछा है कि क्या इससे वह मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकियों को भारत को सौंपेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान दौरे को शिवसेना ने पूर्व प्रायोजित प्रतीत होता बताया है। पार्टी के प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि पीएम मोदी और उनके समकक्ष नवाज शरीफ के बीच हुई मुलाकात के बाद अगर दाऊद भारत को सौंप दिया जाता है, तो हम इस मुलाकात का स्वागत करते हैं।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने एक बयान जारी कर कहा कि  पीएम मोदी के अचानक पाक जाने का कारण जो भी हो, हम तो सिर्फ यही उम्मीद करते हैं कि ये कदम पड़ोसी देश की धरती पर पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ पाक की कार्रवाई को बढ़ावा दे। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी देश हाफिज सईद और दाऊद को भारत में कार्रवाई के लिए सौंपते हैं, तो यह पीएम मोदी के लिए बड़ी जीत साबित होगी।

पाक दौरे पर आप के सवाल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक पाकिस्तान दौरे पर हैरानी जताते हुए आम आदमी पार्टी ने सवाल किया है कि फिलहाल ऐसा क्या बदल गया कि प्रधानमंत्री को लाहौर जाना पड़ा। जबकि भाजपा ने पाकिस्तान के साथ बातचीत का विरोध किया था। वरिष्ठ आप नेता आशुतोष ने कहा कि भाजपा और मोदी ही आतंकवाद के नाम पर पाकिस्तान के साथ बातचीत का विरोध कर रहे थे।

उन्होंने सवाल किया कि क्या अब आतंकवाद पूरी तरह रुक गया है, जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अब मोदी के लिए इतने पसंदीदा बन गए हैं। आशुतोष ने कहा कि पहले मोदी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के बहाने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जमाने में पाकिस्तान के साथ बातचीत का विरोध कर रहे थे।

आशुतोष ने माना कि उनकी पार्टी पाकिस्तान के साथ बातचीत को जरूरी मानती रही है, लेकिन भाजपा इसका विरोध कर रही थी। अब प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि पाकिस्तान से इतना याराना क्यों निभा रहे हैं। जनता इसे जानना चाहती है।

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