हिंदू राष्ट्र पर भागवत के बयान के बाद मचा सियासी घमासान
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संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान ‘सभी हिंदुस्तानी हिंदू हैं’ पर सियासी घमासान मच गया है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने भागवत के इस बयान की कड़ी आलोचना की है।
कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, माकपा और बसपा ने भागवत के इस बयान की आलोचना की है जबकि भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने संघ प्रमुख के बयान का समर्थन किया है।
मायावती ने भी खोला मोर्चा
भागवत ने ओडिशा के कटक में एक कार्यक्रम में रविवार को कहा था कि अगर इंग्लैंड में रहने वाले अंग्रेज हैं, जर्मनी में रहने वाले जर्मन हैं और अमेरिका में रहने वाले अमेरिकी हैं तो हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोग हिंदू क्यों नहीं हो सकते।
इस पर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, ‘मैं समझती हूं कि भागवत को भारतीय संविधान का ज्ञान नहीं है। यदि उन्हें इसकी जानकारी होती तो वह ऐसा नहीं कहते।
उन्हें पहले संविधान का अध्ययन करना चाहिए और फिर इस तरह की बातें करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने देश में रहने वाले विभिन्न धर्मों को ध्यान में रखकर ही देश का नाम हिंदुस्तान नहीं, भारत रखा था।
विरोध में आए सभी दल
जदयू के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि देश संविधान के बताए रास्ते पर चल रहा है और आगे भी चलेगा। जो इस रास्ते को बदलने की कोशिश करेगा वह सफल नहीं होगा।