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काबू से बाहर हो रही दाल पर जेटली का बड़ा बयान

Wed, 21 Oct 2015 10:51 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 21 Oct 2015 10:51 PM IST
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Open market to get 44000 ton pulses soon: Jaitley

खुदरा बाजार में 200 रुपये प्रति किलो से भी ज्यादा कीमत पर दाल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को शीघ्र ही थोड़ी राहत मिलने वाली है।

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सरकार जल्द ही खुले बाजार में 44000 टन दालों की आपूर्ति करने जा रही है। यही नहीं, सरकार ने कहा है कि देशभर में जमाखोरों के यहां डाले गए 3,290 छापे में 36,000 टन दाल बरामद हो गई है और छापे की कार्रवाई चलती रहेगी।

केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने दाल पर एक उच्चस्तरीय बैठक की जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमन भी शामिल थीं।
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बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में जेटली ने बताया कि जमाखोरों की वजह से स्थिति बिगड़ी है। राज्यों ने भी समय पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की और जब छापे शुरू हुए तो 36,000 टन दाल पकड़ी गयी।
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अब खुले बाजार में इनकी आपूर्ति होगी। साथ ही विदेश से 5,000 टन दाल की खेप भारत पहुंच चुकी है जबकि 3,000 टन की खेप पहुंचने ही वाली है। मतलब शीघ्र ही बाजार में 44,000 टन दाल की आपूर्ति होगी।

थोक बाजार में घटने लगी कीमतें

Open market to get 44000 ton pulses soon: Jaitley

जेटली ने बताया कि थोक बाजार में कीमतें घटनी शुरू हो गई हैं और अगले दो तीन दिन में खुदरा बाजार में भी कीमतें घट जाएंगी।

विदेश से आने वाली दालों के बारे में उन्होंने बताया कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश समेत कुछ राज्यों ने इसे उठाने पर सहमति जतायी है। तमिलनाडु ने कल ही 500 टन उठायी है जबकि आंध्र प्रदेश भी कल उठा लेगा। जहां तक दिल्ली की बात है तो यहां सफल के 380 जबकि केन्द्रीय भंडार के 103 आउटलेटों में अरहर दाल प्रति किलो 120 रुपये की दर से बेची जा रही हैं।

वित्तमंत्री ने दालों की कीमत बढ़ने के तीन कारण बताये। पहला कि घरेलू उत्पादन कम है। दूसरा कि दाल निर्यात करने वाले देशों, यथा- मालावी, मोजाम्बिक, म्यांमार आदि में भी उत्पादन कम हुआ है। इसलिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी कीमतें चढ़ गई हैं।

घरेलू बाजार में दाम चढ़ने का तीसरा और महत्वपूर्ण कारण जमाखोर हैं। उन्होंने कहा कि जमाखोरों के खिलाफ छापे की कार्रवाई चलती रहेगी।

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