पुलिस की एक 'गलती' ने हार्दिक को बना दिया हीरो?
गुजरात में पटेल आरक्षण की आग को हवा देने वाले हार्दिक पटेल को हीरो बनाने में अहम योगदान पुलिस का था। गुजरात के ताजा हालात तो कम से कम यही कहानी बयां कर रहे हैं।
जिस तरह से आरक्षण के मुद्दे पर हार्दिक पटेल के आह्वान पर लोग सड़क पर उतरे उससे घबराकर पुलिस ने जल्दबाजी में हार्दिक को गिरफ्तार करने का फैसला लिया। बस यही वो कदम था जिसने गुजरात में हालात को बेकाबू कर दिया।
मंगलवार को जीएमडीसी मैदान में रैली के दौरान पुलिस द्वारा हार्दिक को गिरफ्तार करने के बाद समर्थकों पर लाठीचार्ज करने का दांव पुलिस के लिए उल्टा पड़ गया। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर खासी प्रतिक्रिया देखने को मिली जिससे मामला ज्यादा गंभीर हो गया।
एक दिन पहले तक हजारों समर्थकों की भीड़ का समर्थन हासिल करने वाले हार्दिक पटेल के समर्थन में जीएमडीसी मैदान में लाखों की संख्या में भीड़ पहुंची हुई थी। लेकिन पुलिस के एक कदम ने हालात बिगाड़ दिए।
सीएम ने दिए पुलिस कार्रवाई के जांच के आदेश
पुलिस के इस कदम के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। हालात इसकदर बिगड़े की सेना उतारनी पड़ गई।
इस दौरान हंगामे में करीब 9 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें अहमदाबाद में 4, बनासकांठा में तीन, मेहसाणा और सूरत में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं नाराज आरक्षण समर्थकों ने बुधवार को जमकर सरकारी सम्पत्ति को निशाना बनाया साथ ही पुलिसकर्मियों पर भी हमला बोला।
हालात बिगड़ने के तुरंत बाद पुलिस को लग गया कि उन्होंने गलत कदम उठा लिया शायद इसीलिए उन्होंने आनन-फानन में हार्दिक पटेल को छोड़ने का फैसला ले लिया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी पुलिस के इस अकेले कदम ने उसकी जमकर किरकिरी करा दी। खुद गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
पिछले 56 दिनों से जारी आंदोलन के दौरान पुलिस ने बड़ी सावधानी के साथ लॉ एंड ऑर्डर को बनाए रखा। इस दौरान आरक्षण समर्थकों ने 340 रैलियां प्रदेश में की लेकिन जैसे ही हार्दिक पटेल ने इस आंदोलन को हवा देने की कोशिश की पुलिस एक गलती ने उसे हीरो बना दिया।