‘मुलायम ही करा सकते हैं राम मंदिर निर्माण’
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पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने सोमवार को मुमुक्षु आश्रम में कई ज्वलंत मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन समिति से जुड़े रहे स्वामी चिन्मयानंद का मानना है कि यदि कोर्ट के बाहर बातचीत के आधार कोई राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ कर सकता है तो वह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव हैं।
उनके अलावा कोई भी व्यक्ति इस मसले को नहीं सुलझा सकता, सुब्रह्मण्यम स्वामी तो कतई नहीं। चिन्मयानंद का कहना है कि जब कश्मीर और राम मंदिर निर्माण की बात शुरू होती है तो अनावश्यक बयानबाजी शुरू हो जाती है और बयानबाजी वे लोग करते हैं, जिनसे कोई लेना-देना नहीं।
यह सिर्फ एक-दूसरे पक्षों को चिढ़ाने का काम करते हैं। सुब्रह्मण्यम स्वामी कोई नई बात नहीं कर रहे हैं। उनकी पहल अथवा बात को कोई मानने वाला भी नहीं है।
'ईमानदारी से करनी चाहिए पहल'
पूर्व गृह राज्यमंत्री का विश्वास है कि यदि मुलायम सिंह यादव चाहें तो राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है और उन्हें कम से कम बुढ़ापे का ध्यान रखते हुए इसके लिए ईमानदारी से पहल करनी चाहिए।
उनका मानना है कि मुलायम सिंह यादव ही एक मात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिनसे सर्वाधिक मुसलमान आज भी जुड़ा हुआ है, आजम खां समेत अन्य कोई भी मुस्लिम नेता ऐसा नहीं है, जो इस मामले में मुलायम से आगे हो। मुलायम सिंह चाहें तो वह मुसलमानों को समझाकर मंदिर निर्माण का काम शुरू करा सकते हैं।
कश्मीर मुद्दे के सवाल पर चिन्मयानंद ने कहा कि मुफ्ती महबूबा सोनिया के साथ कभी सरकार नहीं बनाएंगी, उनके समर्थन से सिर्फ भाजपा की ही सरकार कश्मीर में बनेगी, क्योंकि कश्मीरी नेता भली-भांति जानते हैं कि वहां जो स्थिति है, उससे निपटने के लिए केंद्र से पृथक नहीं चला जा सकता। जिस पार्टी की केंद्र में सरकार होगी, उसी के समर्थन से कश्मीर में सरकारें चली हैं। दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
'बनवा सकता हूं नीतीश और भाजपा की सरकार'
बिहार में नीतीश-लालू गठबंधन और वर्तमान हालात पर स्वामी चिन्मयानंद ने दो टूक कहा कि यदि केंद्र सरकार अमित शाह के बजाय उन्हें बिहार की जिम्मेदारी सौंप दे, तो वह दो दिन में नीतीश कुमार और भाजपा की सरकार वहां बनवा देंगे।
उनका कहना है कि लालू के साथ नीतीश को बिहार की कम अपनी इमेज बचाने की अधिक जरूरत महसूस हो रही है। वह अपनी छवि बचाना चाहते हैं, जो सिर्फ भाजपा के साथ ही संभव है।
बीजेपी को भी नीतीश से अच्छा कोई नहीं मिलेगा और यह बात दोनों जानते भी हैं। बोल कि लालू यादव ने जिनके साथ सरकार चलाई, आज वही उनके नियंत्रण में नहीं है। जब लालू अपने लिए उन लोगों को नियंत्रित नहीं कर पाए तो नीतीश के लिए कैसे कर पाएंगे।