फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   online purchasing of goats for bakrid

मवेशियों की खरीद ही नहीं, कुरबानी भी कर सकते हैं ऑनलाइन

Fri, 18 Sep 2015 03:04 AM IST
Updated Fri, 18 Sep 2015 03:04 AM IST
विज्ञापन
online purchasing of goats for bakrid

यदि आप बकरा खरीदने के लिए हाट जाने में असमर्थ हैं अथवा फ्लैट या किसी तंग जगह रहने की वजह से कुरबानी देने में परेशानी आ रही है तो चिंता न करें।

विज्ञापन


ऐसे लोगों की मुश्किलें आसान करने के लिए कई संस्थाओं ने आनलाइन मवेशियों की खरीद के साथ कुरबानी देने की भी व्यवस्था की है। आपको इसके लिए एक फॉर्म भरना होगा। इसके बाद आप कुरबानी के बकरा, दुम्बा या भैंस का विकल्प चुन सकते हैं।
विज्ञापन


भुगतान आनलाइन करनी होगी। दावत-ए-इस्लामी नामक संस्था ने इसके लिए आनलाइन बुकिंग शुरू भी कर दी है। बड़े शहरों में घरों में जगह की किल्लत, बाजार की भागदौड़ और नई पीढ़ी को बकरों की पहचान में आ रही परेशानियों के मददेनजर बकरीद के मौके पर कई संस्थाएं आगे आई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

दो दर्जन से अधिक संस्थाएं सक्रिय

online purchasing of goats for bakrid

उनकी ओर से आनलाइन मवेशी खरीदने से लेकर कुरबानी देने का इंतजाम किया गया है। वर्तमान में इंटरनेट पर ऐसी दो दर्जन से अधिक संस्थाएं सक्रिया हैं और अपने बेवसाइट के माध्यम से आनलाइन कुरबानी की बुकिंग का इंतजाम किया है।

इसमें दावत-ए-इस्लामी प्रमुख है। इसने दुनिया के कई छोटे-बड़े देशों में कुरबानी की व्यवस्था की है। इस संस्था ने बकरे की कुरबानी के लिए 15 हजार, बड़े मवेशियों के 9900 और ऊँट की कुरबानी के लिए 1.5 लाख रुपए तय किए हैं।

इसी तरह, दूसरी बेवसाइट में भैंस के लिए 50 अमेरिकी डॉलर और बकरे-भेड़ के लिए 100 अमेरिकी डॉलर अदा करने को कहा गया है। 25 सितंबर की बकरीद है। तीन दिन तक कुरबानी का सिलसिला चलेगा। तमाम बेवसाइटों पर 22 सितंबर तक बुकिंग की समय सीमा निर्धारित है।

गरीबों में तकसीम हो होगा कुरबानी का मीट

online purchasing of goats for bakrid

आनलाइन बुकिंग के बाद संस्थाएं सुविधानुसार अलग-अलग शहरों में बकरे और दूसरे मवेशी खरीदने के बाद कुरबानी कर उसके मीट गरीबों में बांट देंगी। जबकि मवेशियों के खाले मदरसों को आर्थिक इमदार स्वरूप दिए जाएंगें। खालों को बाजार में बेचने के बाद उससे मिलने वाले पैसे से मदरसों के संचालन में मदद मिलेगी।

आनलाइन कुरबानी की सुविधा उपलब्ध कराने वाली बेवसाइट-

डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एमाउंड फाउंडेशन डॉट कॉम
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट हदिया डॅट ओआरजी
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॅट आईआरडब्ल्यू डॉट ओआरजी
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्लू डॉट आईएमआरसी डॉट डब्ल्यूएस
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट लाइफ उसा डॉट ओआरजी
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्लू मार्कजउलमारिफ डॉट ओआरजी
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू ऑनलाइनकुरबानी डॉट कॉम
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू कुरबानी विथ दावत-ए-इसलामी डॉट कॉम

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed