झंझट खत्म, अब जब दिल चाहे तब डाल सकेंगे वोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइन में खड़े होकर वोट डालने के लिए लंबे इंतजार का दौर जल्द खत्म होने वाला है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मतदाता जैसे डॉक्टर या अस्पताल में समय बुक कराते हैं कुछ उसी तरह चुनाव में अपने मतदान केंद्र पर अपनी सुविधा के हिसाब से वोट डालने का समय ऑनलाइन बुक करा सकेंगे।
महानगरों में रहने वाले कामगारों को वोट डालने का मौका देने का रास्ता निकालने के लिए आयोग ने उपचुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
आयोग का मानना है कि अपनी सुविधा के अनुसार समय का चुनाव कर वोट डालने की नई व्यवस्था और प्रवासी मजूदरों के मताधिकार सुनिश्चित करने जैसी पहल से चुनावों में वोट देने वालों की संख्या में काफी इजाफा होगा।
जल्द मिलेगा मनमाफिक समय पर वोट देने का यह विकल्प
हाल के कुछ चुनावों में अपने अभियानों के सकारात्मक नतीजे आने और वोट डालने वालों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी से उत्साहित आयोग आईटी सुविधाओं के सहारे ऐसे कुछ और नए दांव आजमाएगा।
उपचुनाव आयुक्त सिन्हा के मुताबिक इंटरनेट पर ऑनलाइन समय बुक होते ही मतदाता से संबंधित मतदान केंद्र के चुनाव अधिकारी को उसके वोट डालने के समय की जानकारी मिल जाएगी। मतदाता जब अपने तय समय पर मतदान केंद्र पहुंचेगा तो उसे लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और दस से पंद्रह मिनट में वह अपना वोट डाल सकेगा।
इसी तरह उत्तरप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल सरीखे राज्यों के बहुत से लोग रोजगार के लिए अपना गांव-प्रदेश छोड़कर महानगरों में आ जाते हैं। प्रवासियों का महानगरों की वोटिंग लिस्ट में न तो नाम होता है और न ही पहचान पत्र। चुनाव के दौरान वोट डालने के लिए अपने गांव-प्रदेश जाना भी उनके लिए संभव नहीं है।
इसीलिए उनके कार्यस्थलों पर ही इन प्रवासियों को वोट देने की व्यवस्था करने का रास्ता निकाला जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक प्रवासी कामगार जो वोट देने से वंचित रह जाते हैं उनकी संख्या चार से पांच करोड़ के बीच है।