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सरकार के डर से जमीं पर आने लगे प्याज के तेवर

Wed, 26 Aug 2015 03:06 AM IST
Updated Wed, 26 Aug 2015 03:06 AM IST
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Onion prices began to decline

सरकार के कार्रवाई का डर दिखाते ही देश भर में प्याज की कीमतें नीचे आने लगी हैं। मंगलवार को एशिया की प्याज की सबसे बड़ी मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में थोक भाव पिछले हफ्ते के 57 रुपये प्रति किलो से घटकर 48.5 रुपये प्रति किलो हो गया। दिल्ली की आजादपुर मंडी में भी तीन से पांच रुपये प्रति किलो की कमी आई है।

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हालांकि अभी खुदरा बाजार में प्याज 80 रुपये किलो ही बिक रहा है।नासिक स्थित नेशनल हॉर्टीकल्चर एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक आरपी गुप्ता के अनुसार मंडियों में प्याज की आवक बढ़ गई है।
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दरअसल सरकार ने प्याज के दाम पर काबू पाने के लिए निर्यात कीमतों को 425 अमेरिकी डॉलर प्रति टन से बढ़ाकर 700 अमेरिकी डॉलर प्रति टन कर दिया है। साथ ही केंद्र ने एक दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार को जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था।
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इसके अलावा ट्रेडिंग कारपोरेशन एमएमटीसी 10 हजार टन प्याज का आयात कर रहा है। इसका भी असर पड़ा है।इसी तरह दिल्ली के लोगों को कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश से पहुंचे प्याज ने राहत दी है। आजादपुर एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी के सदस्य राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मंगलवार को प्याज 53 रुपये प्रति किलो बिका।

प्याज पर राहत का आज ऐलान कर सकते हैं कृषि मंत्री

Onion prices began to decline

महंगाई की मार से त्रस्त आम आदमी को केंद्र सरकार राहत का छोटा सा पैक दे सकती है। सरकार ने विदेश से आयातित अरहर के दाल पर  सब्सिडी के रूप में राज्यों को 10 रू.प्रतिकिलो पर राहत देने का निर्णय लिया है।

तो बुधवार को कृषि मंत्री आम आदमी के आंसू निकाल रहे प्याज के दामों पर राहत का ऐलान कर सकते हैं। दिल्ली वालों को प्याज के दाम पर राहत देने के लिए केंद्र सरकार मदर डेयरी, सफल और केंद्रीय भंडारों को 38 रू. किलो प्याज मुहैया कराएगी।

साथ ही सफल और मदर डेयरी से भी कहा जाएगा कि वे खुले बाजार से प्याज खरीद कर सब्सिडी के दर पर जनता को उपलब्ध कराएं। सब्सिडी के राशि की भरपाई सरकार मूल्य नियंत्रण कोष के जरिए कर सकती है।

संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार नेफेड और एसएफएसी के जरिए खरीदे गए 8हजार टन प्याज को बाजार में छोडने की येजना बना रही है। मई और जून के महीने में ही इन एजेंसियों ने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से 18 रू. किलों की दर से 8000 टन प्याज खरीद कर स्टॉक में रखा है।

बताया जा रहा है कि कृषि मंत्री राधामोहन सिंह राज्य सरकारों से भी महंगाई का दर्द कम करने के लिए भागीदार बनने का आग्रह करेंगे। आवश्यक वस्तुओं पर महंगाई की मार से त्रस्त जनता को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 27 अगस्त को राज्यों की भी बैठक बुलाई है।

तो इसी दिन विदेश से आयात होने वाले प्याज की बोली खुलेगी। कृषि मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव अरूण श्रीवास्तव ने सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा है कि कृषि बाजार पर चर्चा को लेकर 27 अगस्त को राज्यों को भी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि आयातित 10हजार टन प्याज देश में 15 से 20 सितंबर के बीच पहुंचेगा।

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